रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 24 दिसंबर को मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद माहौल फिर गरमा गया है। पुलिस द्वारा 7 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तेलीबांधा थाने के सामने मुख्य सड़क पर धरना देते हुए चक्काजाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके में ट्रैफिक ठप हो गया।
कार्यकर्ता थाने के सामने सड़क पर बैठ गए और गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। बजरंग दल नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को फौरन रिहा नहीं किया गया तो हजारों की संख्या में सामूहिक गिरफ्तारी दी जाएगी। यदि पुलिस गिरफ्तारी नहीं लेती तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
दरअसल, कार्यकर्ताओं ने पहले सिविल लाइंस थाने में गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी, जिसके चलते वहां भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लेकिन अंतिम क्षणों में रणनीति बदलकर कार्यकर्ता सीधे तेलीबांधा थाने पहुंच गए और अचानक चक्काजाम शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित प्रदर्शन से पुलिस अलर्ट हो गई और मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया।
पूरा मामला क्या है?
24 दिसंबर को कांकेर जिले में कथित धर्मांतरण और शव दफन विवाद के विरोध में छत्तीसगढ़ सर्व समाज द्वारा बुलाए गए प्रदेशव्यापी बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हंगामा हुआ था। आरोप है कि बंद का पालन न करने पर 30-40 लोगों का समूह लाठी-डंडों और हॉकी स्टिक लेकर मॉल में घुस आया। उन्होंने क्रिसमस की सजावट को नुकसान पहुंचाया, कर्मचारियों से धर्म-जाति पूछी और तोड़फोड़ की। मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि बंद होने के बावजूद जबरन घुसे लोगों ने आईडी कार्ड चेक किए और दहशत फैलाई।
इस घटना से मॉल को 15-20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की। देर रात क्राइम ब्रांच और पुलिस ने छापेमारी कर 7 कार्यकर्ताओं समेत एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
बंद के दौरान ही ब्लिंकिट ऑफिस में भी मारपीट की घटना हुई थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ। एहतियातन अंबुजा मॉल को खाली कराया गया था। फिलहाल तेलीबांधा थाना क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए सख्ती बरती जा रही है और जांच जारी है।