बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने एक बार फिर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। ग्राम एर्रापल्ली में 26 दिसंबर की रात करीब 10 बजे नक्सलियों ने 22 वर्षीय युवक पूनेम बुधरा की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक पूर्व में नक्सली संगठन से जुड़ा था, लेकिन आत्मसमर्पण कर गांव लौट आया था। सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों को पूनेम पर पुलिस का मुखबिर होने का शक था, जिसके चलते उसे निशाना बनाया गया। दो अज्ञात हमलावर रात में उसके घर में घुसे, मुंह में कपड़ा ठूंसकर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए और फरार हो गए। घटना के समय घर के अन्य सदस्य दहशत में आ गए और कुछ कर नहीं पाए। पूनेम बुधरा के आत्मसमर्पण के बाद गांव में सामान्य जीवन जीने की जानकारी सामने आई है, लेकिन नक्सलियों का यह संदेह उसे जानलेवा साबित हुआ। हालांकि, पुलिस ने अभी इस शक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हत्या की सूचना मिलते ही पामेड़ पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का मुआयना किया गया, पंचनामा तैयार किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण भयभीत हैं और कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
पामेड़ में नक्सली हिंसा जारी
बता दे कि पामेड़ क्षेत्र में नक्सलियों की ऐसी वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी महीने 7 दिसंबर को सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार इम्तियाज अली और उनके सहयोगी को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। सहयोगी किसी तरह भागकर सुरक्षा कैंप पहुंचा और सूचना दी। रातभर चले ऑपरेशन के बाद अगले दिन जंगल से इम्तियाज अली का शव बरामद हुआ था। शव के पास पामेड़ एरिया कमेटी का पर्चा मिला, जिसमें सड़क निर्माण का विरोध दर्ज था।