बीजापुर/दंतेवाड़ा। पश्चिम बस्तर डिवीजन के घने जंगलों में सुरक्षा बलों का नक्सल विरोधी अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। बीजापुर–दंतेवाड़ा अंतरजिला सीमा पर सुबह 9 बजे शुरू हुई भीषण मुठभेड़ में अब तक सात माओवादी कैडरों के शव बरामद हुए हैं, जबकि दो बहादुर जवान शहीद हो गए और एक जवान घायल हुआ है।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर, डॉ. जितेन्द्र यादव के अनुसार, DRG दंतेवाड़ा–बीजापुर, STF, CoBRA और CRPF की संयुक्त टीम ने तड़के बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू की, जो रुक-रुक कर पूरे दिन चलती रही।
ऑपरेशन में बरामद भारी हथियार
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने
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SLR राइफलें
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.303 राइफलें
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अन्य हथियार व भारी मात्रा में गोला-बारूद
जब्त किए हैं। नक्सलियों की पहचान अभी बाकी है।
शहीद हुए वीर जवान
मुठभेड़ में DRG बीजापुर के दो जवानों ने बहादुरी से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए—
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प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी (DRG बीजापुर)
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आरक्षक दुकारू गोंडे (DRG बीजापुर)
एक अन्य जवान सोमदेव यादव घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित बताया गया है।
फोर्स का भारी जमावड़ा, क्षेत्र कॉर्डन
एसपी यादव ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है और पूरी तौर पर कॉर्डन बनाकर गहन सर्चिंग जारी है। नक्सलियों की मौजूदगी के मद्देनज़र ऑपरेशन को बढ़ाया गया है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी ऑपरेशन के पूर्ण होने के बाद साझा की जाएगी।