
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्डों के सुनियोजित और समग्र विकास को लेकर नगर निगम मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने की।
बैठक में महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर आयुक्त उमाशंकर अग्रवाल, जोन आयुक्त और अन्य निगम अधिकारी मौजूद रहे।
वास्तविक ज़रूरतों पर आधारित होगी विकास योजना
बैठक में सबसे पहले जोन क्रमांक 8 के वार्डों का विस्तृत एक्शन प्लान प्रस्तुत किया गया। इसमें जल निकासी व्यवस्था, सड़कें, भूमि उपयोग, तालाबों की स्थिति, स्वच्छता, वेस्ट मैनेजमेंट और नालियों की संरचना जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया।
प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि वीर सावरकर वार्ड (वार्ड-1) करीब 9 किलोमीटर में फैला है। यहां वर्तमान में 9,000 मकान हैं, जो भविष्य में बढ़कर 13,000 तक हो सकते हैं। क्षेत्र में अब तक 33,000 मीटर नालियां बनी हैं, जबकि लगभग 16,000 मीटर अतिरिक्त नालियों की आवश्यकता है। इसके साथ ही प्लास्टिक कचरा निपटान, लाइटिंग, ऑटो स्टैंड, पब्लिक लाइब्रेरी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई गई।
विधायक मूणत का सुझाव – ज़मीनी सर्वे से बनेगी सटीक योजना
विधायक राजेश मूणत ने विकास योजना को और कारगर बनाने के लिए विस्तृत फील्ड सर्वे कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि योजना केवल डिमांड पर आधारित न होकर तथ्य और वास्तविक जरूरतों के आधार पर बने। इसके लिए सड़कों, नालियों, लाइट पोल्स, स्कूलों, आंगनबाड़ियों, खेल मैदानों और भूमि उपयोग का पूरा डाटा इकट्ठा किया जाए।
उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि एक वार्ड को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित कर पायलट प्रोजेक्ट की तरह लागू किया जाए।
महापौर चौबे का समर्थन – फील्ड सर्वे को दी प्राथमिकता
महापौर मीनल चौबे ने विधायक के सुझाव का समर्थन करते हुए कहा कि प्लानिंग केवल गूगल मैप या ऑफिस डेस्क तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि मैदान पर आधारित वास्तविक आंकड़ों से हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी वार्डों का भौगोलिक और सामाजिक सर्वेक्षण कर विकास योजना तैयार की जाए।
प्रत्येक वार्ड के लिए बनेगा समग्र एक्शन प्लान
बैठक में निर्णय लिया गया कि रायपुर पश्चिम के हर वार्ड का व्यवस्थित आंकलन कर स्पष्ट और समग्र विकास योजना बनाई जाएगी, ताकि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर और सटीक तरीके से उपलब्ध हो सकें।