रायपुर। छत्तीसगढ़ की धड़कन बस्तर से उठी आवाज़ को लेकर कांग्रेस ने सीधा वार किया है देश के गृह मंत्री अमित शाह पर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अमित शाह की बस्तर यात्रा पर सवाल उठाते हुए 8 अहम मुद्दों को लेकर देश के सामने एक बड़ा खुलासा किया है।
दीपक बैज का कहना है 15 साल तक भाजपा की सरकार रही, पर अमित शाह बस्तर की तरफ देखे तक नहीं। आज जब चुनाव सामने हैं और उद्योगपतियों की भूख चरम पर है, तो बार-बार बस्तर का रुख क्यों?
कांग्रेस ने अमित शाह की बस्तर यात्रा को पॉलिटिकल ड्रामा करार देते हुए कहा है कि ये दौरा नक्सलवाद खत्म करने नहीं, बल्कि अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों के लिए जल, जंगल और जमीन की सौगात लेकर आने का इरादा है।
दीपक बैज ने अमित शाह से जनता की तरफ से ये 8 ज्वलंत सवाल पूछे हैं:
1. बस्तरियों की मंशा के खिलाफ उद्योगपतियों की घुसपैठ पर क्या रोक लगेगी?
क्या अमित शाह वादा करेंगे कि अडानी जैसे उद्योगपति बस्तर की जमीन पर कदम नहीं रखेंगे?
2. एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं?
बस्तर के खनिज से कमाई और मुख्यालय तेलंगाना में? अमित शाह जवाब दें।
3. नंदराज पहाड़ की लीज रद्द क्यों नहीं?
जिस पहाड़ को स्थानीय देवता मानते हैं, उसे अडानी के हवाले क्यों? क्या आदिवासियों की आस्था का कोई मोल नहीं?
4. नगरनार स्टील प्लांट बिकेगा या नहीं?
क्या मोदी सरकार ये वादा करेगी कि बस्तर की शान नगरनार को कॉरपोरेट के हाथों नहीं बेचा जाएगा?
5. आरक्षण विधेयक पर राजभवन की चुप्पी कब टूटेगी?
32% आदिवासी आरक्षण अब तक क्यों अटका है? अमित शाह बताएं – क्या भाजपा आदिवासियों का हक रोक रही है?
6. दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल लाइन कब शुरू होगी?
2017 से अब तक सिर्फ वादे, जमीन पर सन्नाटा! रेल कब दौड़ेगी?
7. भारतमाला रोड से बस्तर क्यों कटा हुआ है?
जगदलपुर को भारतमाला से जोड़ने की मांग क्यों अनसुनी?
8. वन अधिकार अधिनियम में छेड़छाड़ क्यों?
क्या आदिवासियों के अधिकार छीन कर कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाना ही मोदी सरकार की नीति है?
दीपक बैज ने तीखे लहजे में कहा बस्तर कोई खनन क्षेत्र नहीं, यह हमारे आदिवासी भाइयों का गर्व है, भावनाओं की जमीन है। भाजपा बताए वे बस्तर को कॉरपोरेट ज़ोन बना रहे हैं या आदिवासी क्षेत्र रहने देंगे?”