मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा गार्डों की दबंगई, मरीजों के परिजनों से दुर्व्यवहार

0 गार्डों के व्यवहार पर समाजसेवी भुवनेश्वर कश्यप ने उठाए सवाल 

0 कई बार की जा चुकी है लिखित शिकायत, अब तक नहीं हुई कार्रवाई 

जगदलपुर। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों से मिलने आने वाले परिजनों और आम लोगों के साथ बीआईएस सिक्यूरिटी एजेंसी सुरक्षा गार्डों के कथित दुर्व्यवहार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात कुछ सुरक्षा गार्ड उनसे बदतमीजी से बात करते हैं और सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता।
बस्तर जिले के युवा सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर कश्यप ने इस बात पर हैरानी जताई है कि गार्डों के अभद्र व्यवहार को लेकर लिखित शिकायत की जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती। यदि शिकायतें मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे सुरक्षा कर्मियों के मनोबल को बढ़ावा मिलता है और आम लोगों की परेशानी लगातार बनी रहती है। श्री कश्यप ने कहा है कि मरीज के परिजन पहले से ही अपने मरीज की बीमारी और उपचार को लेकर मानसिक तनाव में रहते हैं। ऐसे समय में अस्पताल परिसर में यदि उनके साथ अभद्रता या बदतमीजी से बात की जाती है, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। भुवनेश्वर कश्यप ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर आम नागरिकों और मरीजों के परिजनों के साथ अपमान जनक व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।श्री कश्यप का कहना है कि बस्तर क्षेत्र के अधिकांश लोग ग्रामीण एवं आदिवासी समुदाय से आते हैं। यहां के लोग सरल, सीधे-साधे और भोले-भाले स्वभाव के हैं। ऐसे लोगों के साथ संवेदनशीलता, सम्मान और विनम्रता से व्यवहार किया जाना चाहिए। अस्पताल एक ऐसी जगह है, जहां लोगों को सुरक्षा के साथ-साथ सहयोग और मानवीय संवेदना की भी आवश्यकता होती है।सुरक्षा गार्डों की जिम्मेदारी अस्पताल में अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखना है, न कि मरीजों से मिलने आने वाले लोगों को अपमानित करना। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अस्पताल के नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसे भी शालीन एवं सम्मानजनक तरीके से समझाया जा सकता है।भुवनेश्वर कश्यप ने कहा कि लिखित शिकायतों के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो यह गंभीर विषय है। अस्पताल प्रबंधन को शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने डिमरापाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन से मांग है कि सुरक्षा गार्डों के व्यवहार को लेकर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की जाए, संबंधित मामलों की जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी सुरक्षा कर्मियों को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ सभ्य, संयमित और संवेदनशील व्यवहार करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।भुवनेश्वर कश्यप ने कहा है कि मरीज और उनके परिजन अस्पताल में उपचार, सहयोग और उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। इसलिए अस्पताल परिसर में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां हर व्यक्ति को सम्मान मिले और किसी के साथ दुर्व्यवहार न हो। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से यह भी मांग है कि भविष्य में किसी मरीज या उसके परिजन को सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर अपमानित या परेशान न होना पड़े तथा लिखित शिकायत मिलने पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।