नकली नोटों का बड़ा खेल उजागर, 12.50 लाख की जाली करेंसी जब्त; प्रिंटर और कार समेत तीन गिरफ्तार

कबीरधाम। नकली नोट छापकर उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश कर रहे एक गिरोह का कबीरधाम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बोड़ला थाना, पोंडी चौकी और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल टाटा पंच ईवी जब्त की गई है।

पुलिस के मुताबिक गिरोह जुलाई 2026 से नकली नोट तैयार करने में सक्रिय था। आरोपी कलर प्रिंटर की मदद से 500 रुपये के नोटों की नकल तैयार करते थे और फिर इन्हें असली रकम बताकर लोगों के बीच चलाने की कोशिश की जाती थी।

उधारी की रकम लौटाने के बहाने हुआ खुलासा

मामले की शुरुआत ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव की शिकायत से हुई। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक दिनेश ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर घुरवा राम ने भुगतान करने का भरोसा दिया।

9 अगस्त को घुरवा राम ने बताया कि सतीश कुमार के माध्यम से रकम दी जाएगी और दिनेश को पोंडी स्थित शराब भट्ठी के पास बुलाया गया। रात करीब 9 बजे दिनेश अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ वहां पहुंचा। वहां सतीश कुमार और उसके एक साथी ने काले बैग में रकम दी।

बैग खोलने और नोटों की जांच करने पर रकम संदिग्ध लगी। इसमें 500 रुपये के कुल 4.50 लाख रुपये के नकली नोट पाए गए। इसके बाद दिनेश ने 10 अगस्त को पोंडी चौकी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

पूछताछ में खुला नकली नोट बनाने का ठिकाना

पुलिस ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने और उन्हें खपाने की बात स्वीकार की।

सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि गिरोह ने जुलाई से नकली नोट बनाने का काम शुरू किया था।

पुलिस के अनुसार, रामप्रसाद उर्फ रमऊ ने नए बस स्टैंड के पास एक कमरा किराए पर लिया था, जहां कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे। 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश द्वारा कलर प्रिंटर खरीदे जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

नोट छापने से लेकर बाजार में खपाने तक अलग-अलग जिम्मेदारी

पुलिस की पूछताछ के अनुसार, किराए के कमरे में रामप्रसाद और घुरवा राम नकली नोट तैयार करते थे, जबकि सतीश कुमार और रामप्रसाद तैयार नोटों को आगे पहुंचाने का काम करते थे।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए। इसके अलावा दिनेश को दिए गए 4.50 लाख रुपये के नकली नोट भी जब्त कर लिए गए। इस तरह कुल बरामदगी 12.50 लाख रुपये की नकली करेंसी तक पहुंच गई।

किससे क्या बरामद हुआ?

पुलिस के मुताबिक सतीश कुमार के पास से 2 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। रामप्रसाद उर्फ रमऊ के कब्जे से 4.50 लाख रुपये के नकली नोट, मोबाइल फोन, कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन और टाटा पंच ईवी कार जब्त की गई। वहीं घुरवा राम से 1.50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए।

इसके अलावा शिकायतकर्ता को दिए गए 4.50 लाख रुपये के नकली नोट भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस प्रकार कुल 12.50 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतीश कुमार (33), निवासी मजगांव रोड, कवर्धा; रामप्रसाद उर्फ रमऊ (56), निवासी तालपुर, कवर्धा; और घुरवा राम, निवासी कान्हाभैरा, थाना पिपरिया के रूप में हुई है।

नेटवर्क की आगे की जांच जारी

मामले में पोंडी चौकी, थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत BNS की धारा 179 और 318(4) में अपराध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान संबंधित अन्य धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट बनाने के लिए जरूरी सामग्री कहां से खरीदी गई, आरोपियों ने अब तक कितनी जाली करेंसी तैयार की और इसे किन-किन इलाकों में चलाने की कोशिश की गई। पुलिस गिरोह से जुड़े संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

कबीरधाम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बड़ी रकम के लेन-देन के दौरान नोटों की अच्छी तरह जांच करें। किसी नोट के संदिग्ध लगने या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या चौकी को सूचना दें।

इस कार्रवाई में साइबर थाना कबीरधाम, थाना बोड़ला और चौकी पोंडी की टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि नकली नोटों के नेटवर्क को पूरी तरह उजागर करने के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी।