पहला स्मार्ट मीटर भाजपा के शासनकाल में 2024 में लगाया गया – कांग्रेस

० भाजपा सरकार ने ही स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका दिया

० स्मार्ट मीटर तुरंत वापस लेने की घोषणा करे सरकार

रायपुर। भाजपा सरकार बिजली के स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को लूटने का काम कर रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा झूठ बोलती है कि स्मार्ट मीटर कांग्रेस की शासनकाल में लगा है। राज्य में विद्युत उपभोक्ताओं के घर में पहला स्मार्ट मीटर भाजपा के शासनकाल में 14 जून 2024 में लगाया गया। भिलाई-3 स्थित CSEB कॉलोनी में पहला स्मार्ट मीटर लगाया गया है। राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने का अनुबंध और ठेका तथा मीटर लगाने का कंपनी चयन की कार्यवाही भी भाजपा के शासनकाल में ही हुई। प्रदेश की जनता पर स्मार्ट मीटर थोपने का काम भाजपा की सरकार ने किया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अपने मित्र अडानी को फायदा पहुंचाने पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाने की कार्ययोजना बनाई तथा राज्य सरकारों और राज्यों के विद्युत मंडलों से इसके लिए सैद्धांतिक सहमति मांगी गयी, तब राज्य सरकार को यह नहीं बताया गया कि स्मार्ट मीटर से खपत अधिक आयेगी। जब यह स्पष्ट हो गया कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं का बिल अधिक आ रहा तो राज्य सरकार इसको तुरंत वापस क्यों नहीं करती है?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी स्पष्टीकरण दे दिया है कि स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं है तो राज्य सरकार उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार स्मार्ट मीटर को वापस क्यों नहीं ले रही है? भाजपा सरकार बिजली उपभोक्ताओं को लूटना चाह रही इसीलिए स्मार्ट मीटर वापसी पर सरकार मौन है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्मार्ट मीटर के साथ बिजली उपभोक्ताओं पर लगने वाला ऊर्जा प्रभार का 11 प्रतिशत टैक्स भी हटाया जाना चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता का 4000 रू. बिजली बिल आ रहा है तो उसमें 440 रू. का तो केवल ऊर्जा प्रभार टैक्स लिया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना बंद होने से उपभोक्ताओं के बिल पर दुगुना भार हो गया है। मान लो किसी उपभोक्ता का 400 यूनिट बिजली की खपत है तो आज के रेट में उसका बिल लगभग 2200 रू. होगा (वीसीए और ऊर्जा प्रभार चार्ज को छोड़कर), यदि बिजली बिल हॉफ योजना लागू होती तो उसको इस बिल में 1100 रू. की छूट मिलती तथा उसका बिल मात्र 1100 रू. ही आता। विद्युत कंपनी और सरकार मिल कर बिजली बिल में जनता को सिर्फ लूटने का काम कर रही है।