खाद की किल्लत, कालाबाजारी, अमानक और भेदभावपूर्ण वितरण से किसान चिंतित – कांग्रेस

रायपुर। रासायनिक उर्वरकों की किल्लत, सोसाइटियों के स्टॉक में गड़बड़ी, ओवररेटिंग, अमानक और कालाबाजारी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि किसान विरोधी सरकार के द्वारा उत्पन्न कृत्रिम संकट के कारण ही अमानक गुणवत्ताहीन नकली खाद महंगे दामों पर खुले बाजार में बिक रहा है। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बस्तर, अंबिकापुर, सूरजपुर और जशपुर जैसे इलाकों में बिना लाइसेंस के अवैध भंडारण, कम गुणवत्ता वाले (अमानक) उर्वरक और नकली खाद बेचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। किसानों से डीएपी, यूरिया और पोटास के तय दाम से ज्यादा पैसे वसूलने और बिना पक्के बिल के खाद बेचने की शिकायतें भी लगभग सभी जिलों से मिल रही हैं। खाद माफिया बेलगाम हैं, सरकार और प्रशासन का खौफ़ जमाखोरों में खत्म हो गया है, विभाग अकर्मण्यता से किसान चिंतित हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ सरकार और कृषि मंत्री दावा कर रहे हैं कि राज्य में खाद का पर्याप्त भंडारण है और किसी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन दूसरी तरफ किसानों के आंदोलन, कालाबाजारी और गड़बड़ी के मामलों पूरे प्रदेश में उजागर हो रहे हैं। यदि खाद की कोई कमी नहीं है, रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है तो फिर वैकल्पिक खाद के नाम पर सरकार किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया लेने बाध्य क्यों कर रही है? किसान को अपनी फसल के लिए खाद का चयन करना उसका अधिकार है, किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध कराए सरकार।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विगत दिनों कवर्धा जिले में नकली पोटास का मामला उजागर हुआ था, खाद की बोरी पर 60 प्रतिशत पोटाश अंकित था, जांच में पोटास की मात्रा निरंक पाई गई, अंबिकापुर जिले में सहकारी सोसाइटियों में वास्तविक स्टॉक और कागजों में दर्ज संख्या में भारी अंतर प्रमाणित हुआ, रायपुर जिले के समोदा, आरंग सहित कई स्थानों में किसानों के द्वारा अमानक खाद पकड़े गए। पूरे प्रदेश में गुणवत्ताहीन और नकली खाद की बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती ही की जा रही है। जिनके खिलाफ पहले जप्ती, छापेमारी और लाइसेंस निरस्ती की कार्यवाही की गई थी वे फिर से व्यवसाय करने लगे हैं, ऐसे अवैध कारोबार करने वाले लोगों को तत्काल जेल भेजा जाना चाहिए। वितरण प्रणाली दुरुस्त किया जाए, अन्नदाता किसानों का शोषण बंद हो, दोषियों पर कठोर कार्यवाही करे सरकार।