खेतों में कहर बरपा रहा है खदानों का लाल पानी, प्लांट दे रहा कालापानी की सजा

०  सैकड़ों एकड़ की फसल तबाह, किसान परेशान 
०  किसानों पर भारी पड़ी एनएमडीसी और बीएसपी की लापरवाही 
(अर्जुन झा)जगदलपुर। बस्तर संभाग के खेतों में लौह अयस्क खदानों का लाल पानी कहर बरपा रहा है। लाल पानी ने नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में बड़ी तबाही मचा रखी है।वहीं बस्तर जिले के नगरनार क्षेत्र के किसान स्टील प्लांट के “काला पानी” की सजा भुगत रहे हैं।
बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के बचेली क्षेत्र में एनएमडीसी की लौह अयस्क खादानें हैं। वहीं नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा पर रावघाट में बीएसपी की लौह अयस्क खदानें हैं। इन खदानों से खनन के दौरान निकलने वाले शिल्ट और लाल पानी किसानों के खेतों और गांवों के पेयजल एव निस्तार जलस्त्रोतों पर कहर बरपा रहा है। लहलहाती धान की फसलें इन खदानों की गाद तले दब गई हैं। लाल पानी इन फसलों को तबाह कर रहा है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के दर्जनों गांवों के किसान इस मानवीय आपदा से बुरी तरह प्रभावित हैं। इस मसले बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी कई बार उठा चुके हैं। इसी तरह रावघाट परियोजना भी कांकेर और नारायणपुर जिलों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इस प्रोजेक्ट की अंजरेल माइंस से जुड़े किसानों की फसल लाल पानी के कारण बर्बाद हो गई है। कीचड़, शिल्ट वाले लाल पानी से यहां भी सैकड़ों एकड़ की धान फसल दब कर बर्बाद हो चुकी है। दूसरी ओर एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट से निकलने वाला केमिकलयुक्त काला पानी नगरनार समेत आसपास के गांवों की खेती को चौपट कर रहा है। यह काला पानी तालाब के जल और भूजल स्त्रोतों को भी जहरीला बना रहा है। प्लांट प्रबंधन इस दूषित पानी के प्रबंधन के लिए कोई पहल करता नजर नहीं आ रहा है।

बीएसपी पर बिफरे जैन
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं नारायणपुर जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता उत्तम चंद जैन ने कहा है कि रावघाट लौह अयस्क खदान क्षेत्र अंतर्गत अंजरेल माइंस प्रबंधन की गलत नीतियों एवं मांइस से निकलने वाले लाल मिट्टी के खेतों में जमाव होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। भाजपा नेता उत्तमचंद जैन ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि खनन शुरू होने से पहले किए गए तमाम वादे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। उन्होंने कहा कि किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पर लाल कीचड़ की मोटी परत जमने से धान एवं अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। इससे किसानों द्वारा बैंकों से लिए गए फसल ऋण के भुगतान पर भी सीधा असर पड़ेगा। किसानों के लिए आवश्यक हो गया है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अथवा अन्य स्थानीय बीमा योजनाओं के तहत हुए नुकसान का दावा संबंधित बैंक एवं बीमा कंपनियों के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत करें। बीएसपी द्वारा गोद लिए गए खोड़गांव पंचायत के नागरिकों को रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे भी धरातल पर पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट घरानों के सीएसआर फंड के तहत पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए निर्धारित बजट के उपयोग का पारदर्शी वित्तीय ऑडिट एवं सामाजिक अंकेक्षण कराया जाना चाहिए। उत्तम चंद जैन ने कहा कि प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक मुआवजा, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) अथवा राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपनी आजीविका को फिर से शुरू कर सकें।