एक हाथ से निभाई 10 साल की सेवा, विदाई में बच्चों को कराया स्नेहभोज

० स्थानांतरण से पहले दिव्यांग भृत्य ने निजी खर्च से कराया न्योता भोज, बोले- भूरसुंडी के बच्चों का अपनापन जीवनभर नहीं भूलूंगा

बस्तर। सरकारी स्कूलों में अक्सर शिक्षकों और कर्मचारियों की विदाई औपचारिक होती है, लेकिन शासकीय उच्च प्राथमिक शाला भूरसुंडी में एक दिव्यांग भृत्य ने अपनी विदाई को बच्चों के लिए यादगार बना दिया। एक हाथ से दिव्यांग होने के बावजूद करीब 10 वर्षों तक पूरी निष्ठा से सेवा देने वाले पीलू राम नाग ने अपने स्थानांतरण से पहले निजी खर्च पर विद्यार्थियों के लिए स्नेहभोज (न्योता भोज) का आयोजन कराया। भोजन में राहर की दाल, छोले, आलू की सब्जी और जलेबी परोसी गई, जिसे बच्चों ने उत्साहपूर्वक ग्रहण किया।

अपने मूल पदस्थापना स्थल माध्यमिक शाला फरसापारा स्थानांतरित होने से पहले पीलू राम नाग भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि भूरसुंडी के बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों का स्नेह उनके लिए परिवार जैसा रहा है और इस विद्यालय से जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।

कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शाला भूरसुंडी के 65 में से 62 तथा प्राथमिक शाला महुगुडा के 30 में से 28 विद्यार्थी उपस्थित रहे। संस्था प्रभारी शैलेन्द्र कुमार तिवारी, शिक्षिका रश्मि नेताम, हेमलता कश्यप, लोकेश रावटे, चमरू राम बघेल, सतीश श्रीवास्तव, भृत्य पडरू राम कश्यप, रसोइया सुलोचना यादव, खुजीबाई, अर्जुन सिंह बघेल, देवकी कश्यप, सफाई कर्मचारी अमरिला कश्यप एवं जोगेन्द्र कश्यप सहित विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

विद्यालय परिवार ने पीलू राम नाग की सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय लगाव की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। यह विदाई समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक दिव्यांग कर्मचारी और बच्चों के बीच वर्षों से बने स्नेह, विश्वास और अपनत्व की भावुक मिसाल बन गया।