० शिक्षकों के न रहने से व्यवस्था पर उठे सवाल
बकावंड। विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लावागांव स्थित कन्या शाला एवं छात्रावास की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरपंच और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय समय में छात्राएं परिसर के बाहर खेलती मिलीं, जबकि विद्यालय और छात्रावास में जिम्मेदार शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद नहीं थे। मौके पर मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला, जिससे शिक्षा व्यवस्था और छात्रावास संचालन पर प्रश्नचिह्न लग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब सरपंच एवं ग्रामीण जानकारी लेने विद्यालय और छात्रावास पहुंचे तो वहां न तो कोई शिक्षक मिला और न ही कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद था। छात्राओं से पूछताछ करने पर भी कोई अधिकृत अधिकारी मौके पर नहीं मिला। इससे विद्यालय एवं छात्रावास के नियमित संचालन पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र बकावंड ब्लॉक की सीमा पर स्थित है, जिसके बाद कोंडागांव जिले का माकड़ी विकासखंड शुरू होता है। सीमा क्षेत्र में होने के कारण संबंधित संस्थानों की नियमित निगरानी भी प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है । मामले में ग्रामीणों ने संयुक्त कलेक्टर एआर राणा को शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों की ये हैं मांगें
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निरीक्षण के समय कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद थे, इसके बावजूद छात्रावास और विद्यालय का ताला नहीं खोला गया। इससे ग्रामीणों में संस्थान के संचालन को लेकर और अधिक संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय एवं छात्रावास की उपस्थिति पंजी, शिक्षकों की ड्यूटी, छात्राओं की वास्तविक उपस्थिति, भोजन व्यवस्था, छात्रावास संचालन, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय अभिलेखों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित छात्रावास व्यवस्था मिल सके।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा
शिकायत मिलीहै। प्रकरण की जांच संबंधित सहायक आयुक्त को सौंपी जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-एआर राणा,
संयुक्त कलेक्टर, बस्तर