
० संसद परिसर में भीख की नौटंकी का मामला
जगदलपुर। संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण कर किए गए प्रदर्शन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल का आक्रोश नगर सड़कों पर दिखाई दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने सांसद पप्पू यादव का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और इसे सनातन धर्म, साधु-संतों तथा भगवान श्रीराम की आस्था का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों और संत परंपरा का राजनीतिक प्रदर्शन या कथित उपहास करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। संगठन ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण पर उचित कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता ने कहा कि सनातन धर्म, भगवा ध्वज और साधु-संतों का सम्मान भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन प्रतीकों का अनादर करता है तो विश्व हिंदू परिषद लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उसका पुरजोर विरोध करेगी। जिला मंत्री नवीन देवांगन ने कहा कि भगवा वस्त्र त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को समाज स्वीकार नहीं करेगा और सनातन समाज को एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा करनी होगी। जिला कोषाध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि साधु-संतों और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था भारत की सांस्कृतिक विरासत का आधार है। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों के कथित अपमान के विरुद्ध संगठन का विरोध आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। जिला संयोजक विष्णु ठाकुर ने कहा कि धार्मिक आस्था और संत परंपरा का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।प्रदर्शन में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को विशेष संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।प्रदर्शन में शंकर लाल गुप्ता, नवीन देवांगन, सुरेंद्र तिवारी, प्रेम चालकी, विष्णु ठाकुर, उमेश राठौर, घनश्याम नाग, प्रतीक गुरु, जगदीश ठाकुर, अजय सिंह, शत्रुघ्न, सूरज पटनायक, अनिल राजपूत सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।