
० सबसे कम स्टाइफंड मिलता है छग में
जगदलपुर। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में इंटर्न व पीजी रेजिडेंट के द्वारा अपने स्टाइपेंड बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। इन इंटर्न का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ के इंटर्न व पीजी रेजिडेंट डॉक्टर्स को सबसे कम पैसा दिया जा रहा है।
इंटर्न का कहना है कि आज गुरुवार की सुबह से सभी इंटर्न व पीजी रेजीडेंट्स अपने वार्डो में शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इन इंटर्न का कहना था कि मान सम्मान स्टाइपेंड हमारा अधिकार है। समयबद्ध स्टाइपेंड हमारी आवश्यकता है। इंटर्न व पीजी डॉक्टरों का शोषण बंद किया जाए। छत्तीसगढ़ में पीजी 1 स्टाइपेंड 67 हजार 5 सौ है जो सबसे कम है। जबकि छत्तीसगढ़ में इंटर्न को 15 हजार 9 सौ है। इंटर्न व पीजी के स्टाइपेंड में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम है। 5 अगस्त को होने वाली बैठक में इस पर सरकार सकारात्मक निर्णय दे, जिससे कि चिकित्सा के साथ ही स्वास्थ्य पर उचित स्टाइपेंड मिल सके।
ये मिल रहा है स्टाइफंड
यूजी इंटर्न स्टाइपेंड की बात की जाए तो ओड़िसा में 40 हजार 953 से 44 हजार 319 रुपये है। वेस्ट बंगाल में 43 हजार 99 है, असम में 36 हजार 225 है, कर्नाटक में 26 हजार 3 सौ से 30 हजार, बिहार में 20 से 27 हजार है। छत्तीसगढ़ में 15 हजार 900 रुपये है। दिल्ली में 30 हजार 7 सौ से लेकर 34 हजार 310 है। झारखंड में 25 से 30 हजार रुपये है। तेलंगाना में 29 हजार से अधिक है। केरला में 26 हजार से 27 हजार तक है, वनों मेघालय में 30 हजार 27 हजार है।
आईएमए ने किया समर्थन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने जूनियर डॉक्टर नेटवर्क छत्तीसगढ़ ने राज्य के एमबीबीएस इंटर्न एवं पीजी रेजीडेंट डॉक्टर्स की स्टाइफंड वृद्धि की न्यायोचित मांग का नैतिक समर्थन किया है। आईएमए जेडीएन ने कहा है कि एमबीबीएस इंटर्न एवं पीजी रेजीडेंट डॉक्टर्स के स्टाइपेंड में वृद्धि का विषय नया नहीं है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा इस मुद्दे को पूर्व में कई बार राज्य शासन के समक्ष ज्ञापन एवं प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से उठाया जा चुका है। इसलिए यह एक वास्तविक एवं लंबे समय से लंबित मांग है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जूनियर डॉक्टर नेटवर्क छत्तीसगढ़ ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को भी स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर ज्ञापन दिया जा चुका है। संगठन ने वर्तमान में काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस इंटर्न्स के शांतिपूर्ण आंदोलन का नैतिक समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि इंटर्न अपनी नियमित चिकित्सकीय सेवाएं जारी रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग शासन तक पहुँचा रहे हैं। आईएमए जेडीएन का मानना है कि उनकी मांगें पूर्णतः न्यायोचित हैं तथा इन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।