० गड्ढे, कीचड़ और धूल से भरा रास्ता, हादसों के बाद भी बीएसएपी की चुप्पी
दल्ली राजहरा। दल्ली राजहरा की महामाया क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क आज मौत को निमंत्रण दे रही है। पूरे रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई डामर और बरसाती कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। आए दिन यहां बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बीएसपी प्रबंधन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह मौन हैं।
महामाया चौक से कॉलोनी तक जाने वाली करीब 3 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह 1-1 फीट गहरे गड्ढे हैं। बरसात में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। तीन किलोमीटर की इस सड़क पर 300 से भी ज्यादा गड्ढे हैं। इस रास्ते से रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, बीएसपी में काम करने वाले मजदूर और मरीज गुजरते हैं। पिछले महीने ही 2 बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोगों का कहना है “यहां से गुजरते समय दिल दहल उठता है। गर्मी में इस सड़क पर धूल का गुबार उड़ता है और बरसात में कीचड़। इससे सांस और चर्म रोग बढ़ गए हैं। घरों में भी धूल घुस रही है। महिलाओं का कहना है कपड़े सुखाना भी मुश्किल हो गया है।
फंस जाती है एंबुलेंस भी
महामाया क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। बीमार लोगों को दल्ली राजहरा अस्पताल इसी सड़क से ले जाया जाता है। गड्ढों की वजह से एंबुलेंस को भी समय पर पहुंचने में दिक्कत होती है। कई बार एंबुलेंस कीचड़ में फंस जाती है। यह सड़क बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र में आती है। लोगों का आरोप है कि बीएसपी हर महीने करोड़ों कमाती है, लेकिन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के लिए सड़क नहीं बना पा रहा है। स्थानीय पार्षद और सामाजिक संगठनों ने बीएसपी प्रबंधन को 4 बार लिखित शिकायत दी। टाउनशिप जीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रबंधन के अधिकारी फोन भी रिसीव नहीं करते।
जनप्रतिनिधि भी मौन
क्षेत्र के विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को भी समस्या बताई गई। लेकिन चुनाव के बाद कोई सुध लेने नहीं आया। लोगों का कहना है वोट लेने के समय बड़े-बड़े वादे, और जीतने के बाद चुप्पी। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में गड्ढे दिखाई नहीं देते। कई बार बाइक सवार गड्ढे में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। महिलाओं का शाम 7 बजे बाद निकलना बंद हो गया है। महामाया के लोगों ने बीएसपी प्रबंधन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांग है कि तुरंत सड़क की मरम्मत हो, गड्ढे भरे जाएं और स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। अगर मांग नहीं मानी गई तो महामाया चौक पर चक्काजाम और प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में बीएसपी के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नगर के निवासियों ने कलेक्टर और बीएसपी के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि महामाया सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।