छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत: नदियां उफान पर, राजिम का कुलेश्वरनाथ मंदिर जलमग्न, कई मार्ग बंद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे सड़क संपर्क बाधित हो गया है और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहना पड़ रहा है। गरियाबंद, राजिम, दंतेवाड़ा और रायपुर सहित कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर धार्मिक नगरी राजिम में देखने को मिला है। गरियाबंद जिले में करीब 60 घंटे से लगातार हो रही बारिश और सिकासेर जलाशय से लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण त्रिवेणी संगम स्थित ऐतिहासिक बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर चारों ओर से पानी से घिर गया है। मंदिर परिसर तक नदी का पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

गरियाबंद जिले की पैरी नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे-130सी पर पंटोरा के पास सड़क पर पानी भर गया, जिसके चलते रायपुर-गरियाबंद मार्ग पर बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद कर दिया है। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जा रहा है।

दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में भी लगातार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भैरमगढ़ क्षेत्र के पातरपारा में पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजरने के कारण यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी स्थिति में पुल या उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने की अपील की है।

राजधानी रायपुर में भी बारिश का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। खारून नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और महादेव घाट के पास पानी पुल के स्तर तक पहुंच गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसूनी तंत्र के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अनेक जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव दलों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और पुल-पुलियों के ऊपर बह रहे पानी को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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