0 उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि की भी उठाई मांग
बचेली। मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) शाखा बचेली ने एनएमडीसी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों और संविदा श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित 16 महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र एवं सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। यूनियन का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा, कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार तथा औद्योगिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है।
यूनियन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग नियमित कर्मचारियों के लंबित वेतन संशोधन को तत्काल लागू करने की है। संगठन ने कहा कि 1 जनवरी 2022 से प्रभावी वेतन वृद्धि अब तक लागू नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। वहीं संविदा कर्मचारियों के वर्ष 2024 से लंबित वेतन संशोधन को भी शीघ्र अंतिम रूप देने की मांग की गई है। इसके साथ ही वर्ष 2025 की भर्ती अधिसूचना के अंतर्गत रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करने का आग्रह किया गया है, ताकि कार्य प्रभावित न हो। यूनियन ने वित्त वर्ष 2025-26 में लौह अयस्क उत्पादन के 53 मिलियन टन का ऐतिहासिक लक्ष्य प्राप्त करने में कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए सभी कर्मचारियों को विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार देने की भी मांग रखी है। ज्ञापन में ग्रेच्युटी राशि में वृद्धि, संविदा कर्मचारियों को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर सवैतनिक अवकाश, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए दोगुना परिवहन भत्ता तथा मानव संसाधन की तैनाती और कार्य संचालन व्यवस्था की समीक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। गैर आईटीआई कर्मचारियों के लिए विभागीय आईटीआई प्रशिक्षण की सुविधा, कर्मचारियों के बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग की पुनः शुरुआत, मानवीय आधार पर अंतर-परियोजना स्थानांतरण तथा परिवार प्रतिधारण योजना से जुड़े लंबित मामलों के समाधान की भी मांग की गई है। इसके अलावा रायपुर एवं विशाखापट्टनम में पैनल अस्पतालों की सूची बढ़ाने, रायपुर के लिए बस सेवा प्रारंभ करने, लंबे समय से लंबित बीआरसी भवन निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने तथा टाउनशिप में स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। यूनियन ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रबंधन इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र बैठक आयोजित करेगा और कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान निकालेगा। संगठन का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्यक्षमता में सुधार होगा तथा एनएमडीसी और कर्मचारियों के बीच औद्योगिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।