0 4.90 लाख रु. के कार्य पर उठे सवाल, दर्शाया गया पूरा भुगतान
जगदलपुर। बस्तर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोलचुर में पंचायत भवन की बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च दिखाने के बावजूद मौके पर कार्य संतोषजनक नहीं है। इससे सरकारी राशि के उपयोग का संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
‘मेरी पंचायत’ पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पंचायत भवन बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य (वर्क आईडी 86794477) के लिए वर्ष 2022-23 में 15वें वित्त आयोग मद से 4.90 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे।पोर्टल में 4.51 लाख रुपये व्यय दर्ज है। भुगतान विवरण के अनुसार 16 अगस्त 2023 को कुसुम ट्रेडर्स एंड हार्डवेयर के नाम 3 लाख एवं 1.51 हजार रुपये का ई-पेमेंट किया गया है, जिसे तत्कालीन सरपंच और पंचायत सचिव के डिजीटल हस्ताक्षर से स्वीकृत बताया गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व सरपंच और वर्तमान सचिव लक्ष्मी नाथ निषाद के कार्यकाल में यह निर्माण कार्य केवल कागजों पर पूरा दिखाया गया। उनका कहना है कि यदि पोर्टल के अनुसार पूरी राशि खर्च हुई है, तो माप पुस्तिका, सामग्री खरीदी के बिल, गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी स्वीकृति सार्वजनिक की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है या भुगतान में अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ भानुप्रताप चुरेंद्र से भी की गई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार उस समय उन्होंने मामले में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच आगे नहीं बढ़ने से मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है।
होगी मामले की जांच
कोलचुर ग्राम पंचायत से संबंधित प्रकरण की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
-भानुप्रताप सिंह चुरेंद्र,
सीईओ, जनपद पंचायत बस्तर