“बस्तर की आवाज” बंद करे पुलिस : विश्वकर्मा

० सांसद प्रतिनिधि नवीन विश्वकर्मा ने की कड़ी कार्रवाई की मांग 
०  एफआईआर के लिए थाने में दिया आवेदन 
जगदलपुर। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और सनसनी फैलाने वाले एक इंस्ट्राग्राम चैनल पर नकेल कसने की मांग तेज हो गई है।दंतेवाड़ा के जिले के सांसद प्रतिनिधि नवीन विश्वकर्मा ने ‘बस्तर की आवाज’ नामक इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल के खिलाफ पुलिस थाना गीदम में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने चैनल पर दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार, व्यक्तिगत चरित्र हनन और आदिवासी समाज में वैमनस्य फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
​शिकायत में बताया गया है कि उक्त सोशल मीडिया चैनल ने कलेक्टर दंतेवाड़ा को दिए गए एक आवेदन पत्र को बिना किसी संदर्भ और सत्यता की जांच किए, तोड़-मरोड़कर जनता के समक्ष पेश किया है। इस भ्रामक और एकतरफा कृत्य का उद्देश्य न केवल जनप्रतिनिधि की व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को धूमिल करना था, बल्कि इसमें सांसद का नाम घसीटकर आदिवासी समाज को उनके विरुद्ध उकसाने का कुत्सित प्रयास भी किया गया है।​श्री विश्वकर्मा के मुताबिक इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना किसी विधिक पंजीयन और उत्तर दायित्व के सोशल मीडिया पर इस तरह का अराजक माहौल क्यों बनाया जा रहा है। शिकायत पत्र में पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि ​साइबर सेल की मदद से बस्तर की आवाज चैनल के संचालकों, एडमिन और इसे संचालित करने वाले चेहरों की पहचान की जाए। तथा ​यह सुनिश्चित किया जाए कि क्या इस चैनल के पास समाचार प्रसारण का कोई वैध पंजीयन या अधिकार है भी अथवा नहीं? साथ ही उम्मीद की गई है कि पुलिस की कार्रवाई मिसाल बने और क्षेत्र की शांति और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले ऐसे तत्वों पर भारतीय दंड संहिता के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। सांसद प्रतिनिधि ने नवीन विश्वकर्मा ने शिकायत की प्रति पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा को भी प्रेषित करते हुए साक्ष्य के रूप में कलेक्टर को लिखे अपने पत्र के साथ अन्य साक्ष्य भी संलग्न किए हैं।

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