रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने योजना के लाभार्थियों की संख्या, नाम कटने और पोर्टल बंद होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर आंकड़ों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान उमेश पटेल ने पूछा कि जून 2026 तक कितनी पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिला और जिन महिलाओं को राशि नहीं मिल रही है, उसके क्या कारण हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि मार्च 2024 से बंद पड़े पोर्टल को दोबारा कब खोला जाएगा।
जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि योजना के लिए प्रारंभ में 70 लाख 27 हजार 154 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद 70 लाख 9 हजार 658 पात्र हितग्राहियों को पहली किस्त का भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि जून 2026 तक 68 लाख 54 हजार 3 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है।
मंत्री ने बताया कि करीब 1 लाख 55 हजार 600 हितग्राही विभिन्न कारणों से योजना से बाहर हुए हैं। इनमें मृत हितग्राही, ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी नहीं करने वाले और योजना के नियमों के अनुसार आयकरदाता परिवार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 2 प्रतिशत महिलाओं का भुगतान केवल ई-केवाईसी लंबित होने के कारण रुका हुआ है।
इस पर उमेश पटेल ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मई माह तक करीब 36 हजार महिलाओं की ई-केवाईसी लंबित थी और लगभग 55 हजार महिलाओं के नाम हटाए गए। उन्होंने पूछा कि शेष हितग्राहियों का क्या हुआ और मार्च 2024 से बंद पोर्टल को कब शुरू किया जाएगा, ताकि नई पात्र महिलाओं को भी योजना का लाभ मिल सके।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम उनकी मृत्यु और अन्य निर्धारित कारणों से सूची से हटाए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के दो महीने के भीतर ही महतारी वंदन योजना लागू कर लाभ देना शुरू कर दिया था, इसलिए सरकार को इस विषय पर सीख देने की आवश्यकता नहीं है।
मंत्री की इस टिप्पणी के बाद सदन का माहौल गरमा गया। पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी शुरू हो गई। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।