रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान उचित मूल्य (राशन) दुकानों के माध्यम से मसालों की कथित बिक्री का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास इससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने पर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
प्रश्नकाल के दौरान सुशांत शुक्ला ने सबसे पहले राशन दुकानों में बचत स्टॉक के सत्यापन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से केवल अप्रैल 2025 तक की जानकारी दी गई है, जबकि अन्य अवधियों का विवरण सदन के सामने नहीं रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी जानकारी साझा नहीं की जा रही है।
जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि विभाग द्वारा शिकायत मिलने पर जांच कराई जाती है और अधिकारी नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण करते हैं। जहां भी अनियमितता सामने आती है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
इसके बाद विधायक ने पूछा कि उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से किन-किन खाद्यान्नों का वितरण किया जाता है और उनके रखरखाव एवं निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है। मंत्री ने बताया कि विभागीय अधिकारी नियमित अंतराल पर दुकानों का निरीक्षण और भौतिक सत्यापन करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में राशन दुकानों के माध्यम से मुख्य रूप से चावल और शक्कर का वितरण किया जाता है, जबकि बस्तर क्षेत्र में चना भी उपलब्ध कराया जाता है।
चर्चा के दौरान सुशांत शुक्ला ने सवाल किया कि क्या राशन दुकानों के जरिए मसालों की बिक्री के लिए सरकार ने कोई व्यवस्था बनाई है। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी व्यवस्था की जानकारी नहीं है।
मंत्री के जवाब पर विधायक ने आरोप लगाया कि महिला स्व-सहायता समूहों पर दबाव बनाकर राशन दुकानों के माध्यम से मसालों की बिक्री कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस संबंध में दस्तावेज मौजूद हैं और सरकार को पूरे मामले की जांच करानी चाहिए।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि यदि विधायक उपलब्ध दस्तावेज विभाग को सौंपते हैं तो सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।