0 सुरक्षा पहलुओं पर खन्ना का विशेष जोर
जगदलपुर। बस्तर जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला पंचायत बस्तर के नए सीईओ तन्मय खन्ना ने बुरुंदवाड़ा-सेमरा में स्थापित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर और मटेरियल रिकवरी सेंटर का औचक निरीक्षण कर वहां चल रही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और अधिकारियों से कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) की विस्तृत प्रक्रिया तथा रीसाइक्लिंग व अपशिष्ट से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री खन्ना ने पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने एमआरसी से उत्सर्जित होने वाली गैस के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर उपस्थित अधिकारियों व तकनीकी टीम से विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने प्लांट में दिन-रात कार्य करने वाले श्रमवीरों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर सभी सुरक्षा मानकों का हर हाल में पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इस दौरान पूर्व में घटित हुई आगजनी की घटना से प्रभावित एमआरएफ परिसर को पुनः सक्रिय करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। सीईओ ने परिसर का मुआयना करने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आवश्यक तकनीकी सुधार और पुख्ता सुरक्षा उपायों को अपनाते हुए इस प्रभावित हिस्से में भी जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ करने की कार्यवाही पूरी करें। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरेंद्र बहादुर, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक दिलीप गोस्वामी, एसडीओ (आवास) अजय कुमार सहित यूनिसेफ के प्रतिनिधि और सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट सर्विसेज के सदस्य उपस्थित रहे।