
जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित उनके निवास पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव तथा वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि लगभग 600 वर्षों से अधिक समय से निरंतर आयोजित हो रहा गोंचा महापर्व बस्तर की सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक है। बस्तर दशहरा के बाद यह क्षेत्र का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है।
समिति ने जानकारी दी कि महापर्व की शुरुआत 29 जून को देव स्नान पूर्णिमा (चंदन यात्रा) के साथ हो चुकी है। इसके अंतर्गत 15 जुलाई को नेत्रोत्सव पूजा, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य गोंचा रथयात्रा तथा 24 जुलाई को बाहुड़ा रथयात्रा के साथ महापर्व का समापन होगा।
इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बस्तर की पारंपरिक ‘तुपकी’ भेंट कर सम्मानित किया गया। गोंचा महापर्व में तुपकी चलाने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत है। पर्व के दौरान तुपकियों की गूंज से पूरा जगदलपुर उत्सवमय वातावरण में सराबोर हो उठता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निमंत्रण के लिए आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए गोंचा महापर्व की सफल एवं भव्य आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी भी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल में 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डे, गोंचा समिति के अध्यक्ष मुक्तेश्वर पाण्डे, रजनीश पाणिग्राही, नरेंद्र पाणिग्राही, देवशंकर पंडा, दिलीप पाणिग्राही, विजय पाण्डे, बिभाधार पाण्डे, दिनेश पाणिग्राही, आत्माराम जोशी, विवेक पाण्डे, अर्जुन पाण्डे, भास्कर जोशी, दिलेश्वर पाण्डे, तरुण पाण्डे, जयप्रकाश पाढ़ी, मिनेश पाणिग्राही, सोमप्रकाश जोशी, वेणुधर पाणिग्राही, सुरेंद्र पाणिग्राही, त्रिनाथ आचार्य, गुरुनारायण पाणिग्राही, खिरेंद्र पाण्डे सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।