रायपुर। भाजपा सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों के लिए अभी तक तबादला नीति नहीं तय होने पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विभिन्न शासकीय विभागों में कर्मचारियों के तबादले का रेट मंत्री अभी फिक्स नहीं कर पाये है, इसीलिए अभी तक सरकार ने तबादला नीति घोषित नहीं किया। जबकि परंपरा के अनुसार अभी तक तबादले शुरू हो जाने चाहिए थे। ढाई सालों में भाजपा की सरकार आने के बाद कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादलों को उद्योग बना दिया गया है। भाजपा का छोटा-बड़ा नेता, मंत्री, उनके स्टाफ के लोग तबादला कराने और रूकवाने के नाम पर वसूली अभियान चलाते है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले वर्ष भी तबादला नीति में शिक्षा, पुलिस, परिवहन, खनिज, वाणिज्य पंजीयन विभाग कर्मचारियों को तबादला नीति से बाहर रखा गया, जिससे 3.50 लाख कर्मचारी प्रभावित हुए थे। बाद में टुकड़ों में तबादला सूची निकाल कर फिर रोकने के नाम पर बड़ी वसूली साल भर की गयी थी।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तबादला नीति राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने तथा कर्मचारियों की जरूरतों, पति-पत्नी का एक स्थान या स्वास्थ्यगत कारणों, शैक्षणिक कार्यों, पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई जाती है। भाजपा सरकार ने तबादला को भयादोहन का जरिया बना लिया है। सरकार तत्काल सुस्पष्ट और पारदर्शी तबादला नीति घोषित करे।