जगदलपुर। सदगुरु कबीर साहेब के प्राकट्य दिवस के अवसर पर जगदलपुर स्थित सदाफल देवजी आश्रम में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति अर्पित की। इसके बाद भजन, प्रवचन, पूजन और आरती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के दिन प्रकट हुए सदगुरु कबीर साहेब को महर्षि सदगुरु सदाफल देव महाराज ने नित्य अनादि सदगुरु के रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने कबीर साहेब को ब्रह्मविद्या का आदि गुरु और योग एवं अध्यात्म के क्षेत्र में महान संत बताया।
वक्ताओं ने कहा कि सदगुरु कबीर का जीवन मानवता, सत्य, प्रेम और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देता है। उनके विचार आज भी समाज को सद्भाव, समानता और आत्मज्ञान की राह दिखाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कबीर साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, भाईचारा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर सामूहिक आरती की गई और विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव तथा मानव कल्याण की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में आश्रम से जुड़े पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।