0 ऑपरेशन सिंदूर में 6 सैनिकों की शहादत मोदी सरकार ने छुपाये रखा
रायपुर। पहलगाम आतंकी हमले की जवाबी कार्यवाही “आपरेशन सिंदूर” के दौरान सैन्य अभियान के शहादत को छुपाने, शहीद परिवार और देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि ट्रंप के दबाव में ऑपरेशन सिंदूर अचानक रोकने के बाद संसद में 28 जुलाई 2025 को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि कोई क्षति नहीं हुई, हमारे 1 भी जवान शहीद नहीं हुये है, लेकिन अब सरकार ने 6 शहीदों के नाम जारी किए हैं, अब स्वीकार किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर में 6 भारतीय सैनिक (5 थल सेना के और एक वायु सेना के) शहीद हुए? बलिदानियों के परिवार और देश की जनता से माफी मांगे मोदी सरकार। इसी तरह बेशर्मी से झूठ उरी, पठानकोट, गलवान और पुलवामा हमले के बाद भी बोला गया। भाजपा और आरएसएस का राष्ट्रवाद केवल दिखावा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा और आरएसएस सेना के शौर्य पर केवल राजनीति करती है हकीकत यह है कि शहादत का अपमान इनका चरित्र बन चुका है। 2016 में उरी, पठानकोट और 2019 में पुलवामा सुरक्षा की भारी चूक और खुफिया विफलता के कारण ही हुआ। उरी में रणनीतिक कैंपों की सुरक्षा में खामियां उजागर हुई, पठानकोट हमले के बाद हमारी सरकार ने पाकिस्तानी जांच एजेंसियों को हमारे ही सैनिक अड्डों में घुसकर जांच करने की अनुचित अनुमति दी, पुलवामा में इतने बड़े काफिले के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने और आंतरिक खुफिया सूचनाओं (Intelligence inputs) को नजरअंदाज किया गया, सैकड़ों किलों विस्फोटक सेना के मूवमेंट के दौरान नेशनल हाईवे पर कहां से और कैसे आए? तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खुलासे से इस सरकार के फर्जी राष्ट्रवाद की कलई खुल गई है। पुलवामा के शहीदों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीन की आक्रामक घुसपैठ और भारतीय जवानों के शहीद होने पर भी मोदी सरकार ने झूठ बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि ”कोई नहीं आया, कोई नहीं गया“, न कोई घुसा है, न ही घुसने का प्रयास हुआ? फिर हमारे 20-20 सैनिकों की शहादत कैसे हुई? यह सीधे तौर पर हमारे सैनिकों के शहादत का अपमान है। इस सरकार ने चीनी अतिक्रमण को स्वीकार कर लिया है। पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दाेष नागरिकों ने जानें गंवाई है, इस बर्बर आतंकी हमले के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की कार्यवाही अचानक रोकना और शहादत के तथ्यों को छुपाना देश की जनता के साथ धोखा है, सरकार को माफ़ी मांगनी चाहिए।