हायर सेकंडरी स्कूल मूली में शाला प्रवेश उत्सव, सांसद महेश कश्यप और जिपं अध्यक्ष वेदवती कश्यप हुए शामिल

०  न्योता भोज का भी हुआ आयोजन, बच्चों को दी गई समझाइश 
​बकावंड। विकासखंड बकावंड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मूली में नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर सांसद महेश कश्यप उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने की। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में पलक व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने शिक्षा के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने नव-प्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने की समझाइश दी।सांसद श्री कश्यप ने पालकों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम है, इसलिए वे रोज बच्चों को स्कूल भेजें।जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो हमें सही और गलत का भेद सिखाती है। सभी बच्चे अपने जीवन में ज्ञान का अलख जगाएं और आगे चलकर समाज व देश के उत्थान में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।

न्योता भोज का विशेष आयोजन
शाला प्रवेश उत्सव के इस विशेष अवसर पर शासन की मंशानुसार न्योता भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अतिथियों, शिक्षकों और बच्चों ने एकसाथ बैठकर सुरुचिपूर्ण भोजन किया। नव-प्रवेशी बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें और कॉपियां भी वितरित की गईं, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। इस भव्य कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुभाऊ कश्यप, जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे, जनपद उपाध्यक्ष तरुण पांडे, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सोन सिंह बघेल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मूली के प्राचार्य आनंद अय्यर विशेष रूप से मंचासीन रहे।

बीईओ यादव का संकल्प
विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक साथियों से पूरी निष्ठा के साथ नियमित समय पर शाला पहुंचने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत से ही बकावंड विकासखंड का नाम शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचेगा। कार्यक्रम में विकासखंड बकावंड के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयक विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य एवं भारी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

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