परखी गई वन अमले की क्षमता…

० अति संवेदनशील क्षेत्रों में मंडल स्तरीय मॉकड्रिल 
बकावंड। बस्तर वन मंडल जगदलपुर के वन परिक्षेत्र भानपुरी के अतिसंवेदनशील क्षेत्र बनियागांव एवं पिपलावंड में 18 जून को अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण एवं अवैध शिकार की रोकथाम तथा आपात परिस्थितियों में वन अमले की त्वरित कार्रवाई क्षमता विकसित करने एवं प्रभावी कार्रवाई की कार्यप्रणाली का अभ्यास कराने के उद्देश्य से वन मंडल स्तरीय मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल में डीएफओ बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता, उप वन मंडलाधिकारी आईपी बंजारे, योगेश रात्रे एवं सुखदास नाग, परिक्षेत्र अधिकारी लालसाय मरकाम, प्रकाश ठाकुर, सौरभ रजक, बुधराम साहू, खितीराम कुर्रे, रायतू राम मौर्य, दीक्षा वर्मा, प्रकाश देहारी, देवेंद्र तारम एवं विभिन्न परिक्षेत्रों के परिक्षेत्र सहायक, परिसर रक्षक एवं सुरक्षा श्रमिक सम्मिलित हुए। मॉकड्रिल के दौरान वन अमले द्वारा अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण एवं अवैध शिकार जैसी परिस्थितियों में त्वरित सूचना संप्रेषण, घटना स्थल पर शीघ्र पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई, संयुक्त गश्त तथा वन अपराध प्रकरण दर्ज करने की कार्यप्रणाली का अभ्यास किया गया।

इस दौरान ग्राम बनियागांव एवं पिपलावंड में वन अमले द्वारा सघन गश्त की गई तथा वन अपराध प्रकरण कायम किए गए। साथ ही ग्रामीणों एवं ट्रैक्टर चालकों को अवैध अतिक्रमण एवं वन अपराधों के दुष्परिणामों के संबंध में समझाइश दी गई तथा उन्हें वन संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वन केवल लकड़ी अथवा अन्य वनोपज का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वन एवं वन्य जीव एक-दूसरे के पूरक हैं और इनका संरक्षण मानव जीवन के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। वन मंडलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण एवं अवैध शिकार जैसी गतिविधियों से दूर रहें तथा वनों एवं वन्य जीवों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि वन एवं वन्य जीवों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है तथा स्वस्थ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वनों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा भविष्य में भी अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण एवं अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु इस प्रकार की सतत कार्यवाहियां एवं संयुक्त अभियान संचालित किए जाते रहेंगे।

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