पहले ही दिन बैठ गया वीएसके एप का भट्ठा : देवराज खुंटे

0 सर्वर डाउन, प्रदेशभर के शिक्षकों में मचा कोहराम 
0 भीषण गर्मी में बच्चे और शिक्षक हैं बेहाल
0 स्कूल टाइमिंग में हो बदलाव देवराज खूंटे 
जगदलपुर। शिक्षा विभाग द्वारा बिना किसी ठोस तैयारी के अनिवार्य किए गए वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) एप ने लागू होते ही छत्तीसगढ़ के पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। पहले ही दिन तकनीकी विफलता और सर्वर डाउन होने के कारण प्रदेश के हजारों शिक्षक अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। समग्र शिक्षक फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी देवराज खुंटे ने कहा है कि बस्तर संभाग के कई क्षेत्रों में नेटवर्क गायब होने, फेस रिकॉग्निशन फेल होने और लोकेशन मिसमैच जैसी गंभीर तकनीकी त्रुटियों के चलते शिक्षक घंटों मोबाइल थामे धूप में खड़े रहने को मजबूर हो गए। इस बदहाल व्यवस्था के बाद भी विभाग द्वारा उपस्थिति न होने पर जून माह का वेतन रोकने का फरमान जारी करना पूरी तरह से तानाशाही और अन्यायपूर्ण है। फेडरेशन के जिला अध्यक्ष देवराज खुटे ने आक्रोश व्यक्त कर अपने कड़े बयान में कहा है कि शिक्षा विभाग पहले अपनी खुद की बदहाल डिजीटल व्यवस्था को सुधारे, टीचरों के मोबाइल का शासकीयकरण बंद होना चाहिए, पहले स्कूलों में डिवाइस उपलब्ध कराएं, उसके बाद शिक्षकों को फरमान जारी करे।
श्री खुंटे ने कहा है कि नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में विभाग को शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था, लेकिन इसके उलट ऑनलाइन अटेंडेंस का यह तुगलकी फरमान थोपकर शिक्षकों की ईमानदारी पर प्रश्नचिह्न लगाया जा रहा है, जिसे छत्तीसगढ़ का शिक्षक कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।जब विभाग का सर्वर खुद ‘आईसीयू’ में है, तो उसकी तकनीकी विफलता का खामियाजा शिक्षक अपने वेतन की कटौती के रूप में क्यों भुगतें?

शिक्षकों पर न करें संदेह
फेडरेशन के जिला सचिव गणेश्वर नायक ने कहा कि इस भीषण और जानलेवा गर्मी में छोटे बच्चों का दर्द एसी में बैठे अफसर कैसे समझेंगे? वहीं टीचरों को पढ़ाने के बजाय ऑनलाइन अटेंडेंस विभिन्न प्रकार के आनलाइन कार्य के लिए मजबूर किया जा रहा है जो कि उचित नहीं है। श्री नायक ने कहा कि मानवता के नाते विभाग को अपनी जिद छोड़नी होगी। हम साफ चेतावनी देते हैं कि जब तक ऐप की तकनीकी खामियां शत-प्रतिशत दूर नहीं हो जातीं, तब तक इसे तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा शिक्षक सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जरूरत पड़ी तो फेडरेशन मोबाइल रख मसाल उठा आंदोलन का आगाज करेगा। स्वयं के मोबाइल से विभाग का कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा और इस आंदोलन की सभी जवाबदारी विभाग की होगी।

ये हैं फेडरेशन की मांगें
समग्र शिक्षक फेडरेशन ने वीएसके एप की अनिवार्यता को तुरंत प्रभाव से शिथिल करने, तकनीकी रूप से पूर्ण सुधार होने तक स्कूलों में रजिस्टर पर ही मैनुअल अटेंडेंस को ही वैधता देने, तकनीकी त्रुटियों या नेटवर्क न होने के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन रोकने या काटने का आदेश तत्काल निरस्त करने, भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए नौनिहालों और शिक्षकों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु शाला संचालन के समय में तत्काल आंशिक परिवर्तन किया जाए। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि डिजीटल इंडिया का स्वागत है, लेकिन अव्यवस्था और धमकियों के दम पर शिक्षकों का शोषण करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। बड़े अधिकारी पहले प्रदेश के एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षक भेजे स्कूलों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए।

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