
रायपुर। राजधानी के खम्हारडीह थाना क्षेत्र स्थित गोल्डन होम्स कॉलोनी में हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवरात, नगदी, चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन, कूलर और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल समेत करीब 6.28 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गोल्डन होम्स निवासी भरत छापड़िया ने थाना खम्हारडीह में शिकायत दर्ज कराई थी कि 3 और 4 जून की दरम्यानी रात अज्ञात चोर उनके घर में घुस गया। उस समय पूरा परिवार घर में सो रहा था। आरोपी ने आलमारी और लॉकर खोलकर उसमें रखे सोने के जेवरात, चांदी के सिक्के और नगदी रकम पार कर दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) मयंक गुर्जर के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान मुख्य आरोपी डी रवि राव उर्फ डी बच्चन (29) निवासी जल विहार कॉलोनी, तेलीबांधा का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपी पहले भी चोरी, मारपीट और अन्य मामलों में जेल जा चुका है। पूछताछ में रवि राव ने बताया कि चोरी का कुछ सामान उसने अपने चचेरे भाई डी इग्नेश राव (19) और परिचित अशोक मानिकपुरी (53) को बेचने और छिपाकर रखने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। डी इग्नेश राव पूर्व में आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, नगदी, चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन, एक कूलर और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 6 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी अन्य चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं।