रायपुर। भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से हुई प्रसूता एवं नवजात की मौत के लिए गठित जांच दल पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से पूछा भानुप्रतापपुर में डॉक्टर की लापरवाही के चलते आदिवासी वर्ग की प्रसूता एवं नवजात की मौत हो गई है। जिसकी जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करने विभाग द्वारा गठित जांच दल में भृत्य एवं ड्राइवर को क्यों जिम्मेदारी दी गई है, सवाल ये उठता है। डॉक्टर की संवेदनहीनता, अस्पताल की अव्यवस्था एवं तकनीकी जांच भृत्य एवं ड्राइवर कैसे करेंगे? ये तो सीधा-सीधा मौत के लिए जिम्मेदारों को बचाने का षड्यंत्र है। क्या विभाग में डॉक्टर लापरवाही के जांच करने के लिए समकक्ष डॉक्टर या जिला के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नहीं है? सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन भी है डॉक्टर के खिलाफ जांच उनके समक्ष ही करेंगे। फिर भृत्य एवं ड्राइवर को कैसे जांच दल की जिम्मेदारी दी गई है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से बीमार है। जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयों सहित सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। भानुप्रतापपुर अस्पताल में हुई प्रसूता एवं नवजात की मौत के लिये डॉक्टर सहित सरकार भी जिम्मेदार है। अब घटना के बाद पूरे मामले में लीपापोती करने जांच दल बनाई गई है, उसमें सरकार की मंशा साफ-साफ झलक रही है। सरकार अपनी नाकामी ढकने पीड़ित परिवार के न्याय देने में बाधा उत्पन्न कर रही है। कांग्रेस मांग करती है भानुप्रतापपुर अस्पताल में हुई प्रसूता एवं नवजात की मौत की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो अस्पतालों की दुर्दशा सुधारी जाये, ताकि भविष्य में इस प्रकार घटना की पुर्नवृत्ति ना हो।