पति की लंबी आयु के लिए सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत

0 दंतेवाड़ा चितालूर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया वट सावित्री पर्व

जगदलपुर। बस्तर संभाग में  वट सावित्री व्रत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पति की दीर्घायु, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर सुहागिनों ने निर्जला उपवास रखा और सुबह से ही बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना की।

दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में महिलाओं ने सुबह स्नान कर पारंपरिक वेशभूषा में वट वृक्ष के नीचे इकट्ठा होकर विधि-विधान से पूजा की। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और तर्क से यमराज को प्रसन्न कर पति सत्यवान के प्राण वापस पाए थे। उसी परंपरा को निभाते हुए महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी।

पूजा के दौरान महिलाओं ने बरगद की जड़ में जल, सिंदूर, अक्षत और फल-फूल अर्पित किए। मान्यता है कि बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है। इसकी लंबी उम्र और गहरी जड़ें पति-पत्नी के अटूट रिश्ते का प्रतीक मानी जाती हैं।

स्थानीय मंदिरों और घरों में भी सावित्री-सत्यवान की कथा का आयोजन हुआ। शाम को पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने जल ग्रहण कर व्रत खोला। दंतेवाड़ा के चितालूर में हर साल की तरह इस बार भी वट सावित्री व्रत को लेकर सुहागिनों में खासा उत्साह देखने को मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *