रायपुर। शिक्षा के अधिकार के तहत 38 हजार सीटों में भर्ती कम करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार 70 करोड़ बचाने गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन रही है, ये गरीब माता-पिता के अपने बच्चे को निजी स्कूल में पढ़ाने के सपने को कुचलना है। पिछले साल निजी स्कूलों में लगभग 60 हजार बच्चों का नर्सरी, केजी वन, केजी टू एवं क्लास वन में भर्ती हुआ था। चालू शिक्षा सत्र में सरकार ने निजी स्कूलों में सिर्फ क्लास वन में ही भर्ती देने का नियम बना दिया है, इससे मात्र 22 हजार गरीब बच्चों को एडमिशन मिल पायेगा। 9वीं से 12वीं तक शिक्षा अधिकार के तहत होने वाली भर्ती को भी बंद करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। ये सरासर अन्याय है। भाजपा सरकार आखिर गरीब बच्चों को शिक्षा से दूर क्यांे करना चाहती है? भाजपा सरकार का यह शिक्षा एवं गरीब विरोधी चरित्र उजागर हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य का शिक्षा बजट लगभग 22 हजार 466 करोड़ है, उसमें से 300 करोड़ शिक्षा अधिकार के लिए है, फिर 70 करोड़ गरीब बच्चों के शिक्षा पर खर्च करने से सरकार हाथ पीछे क्यों खींच रही है? सरकार की मंशा गरीब बच्चों को नर्सरी में भर्ती देने की क्यों नही है? इसका जवाब गरीब जनता को देना चाहिए। कांग्रेस मांग करती है पूर्व की तरह शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों को नर्सरी, केजी वन, केजी टू एवं क्लास वन में बच्चों की भर्ती हो 60 हजार सीटों को बढ़ाकर भर्ती की जाये। प्रदेश के नवनिहालो के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद किया जाये।