रायपुर/धमतरी। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच तेज हो गई है। सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने धमतरी जिले के कुरुद में भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर दबिश दी। भूपेंद्र चंद्राकर, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई बताए जा रहे हैं।
सुबह-सुबह पहुंची टीम, सख्त सुरक्षा
जानकारी के मुताबिक, तीन गाड़ियों में पहुंचे दर्जनभर से अधिक अधिकारियों की टीम घर के भीतर दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और किसी को भी अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मुआवजा घोटाले में बड़ी भूमिका के आरोप
ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को मिली शिकायत में आरोप है कि भूपेंद्र चंद्राकर ने न केवल अभनपुर, बल्कि अन्य तहसीलों में भी अपने करीबियों को भारतमाला परियोजना के तहत करोड़ों रुपए का फर्जी मुआवजा दिलाने में भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार:
- अभनपुर के कायाबांधा क्षेत्र में करोड़ों का मुआवजा लिया गया
- दुर्ग और पाटन तहसील में भी संदिग्ध भुगतान
- राजनांदगांव के देवादा और धमतरी के मगरलोड क्षेत्र में करीबियों को फायदा पहुंचाने के आरोप
दस्तावेजों के आधार पर जांच
बताया जा रहा है कि इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। टीम जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, मुआवजा फाइलों और लेनदेन की जांच कर रही है। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भारतमाला घोटाले की जांच अब व्यापक स्तर पर अलग-अलग जिलों तक फैल चुकी है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।