
0 किया ग्रामीणों को जागरूक, की गई लोगों की स्वास्थ्य जांच भी
जगदलपुर। 25 अप्रैल के दिन को पूरी दुनिया में विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य मलेरिया जैसी घातक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना और इसे जड़ से खत्म करने के प्रयासों को तेज़ करना है। इसी क्रम में बस्तर जिले के नानगुर विकासखंड के अंतिम एवं दूरस्थ अति मलेरियाग्रस्त गांव नागलसर में कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें मलेरिया से बचाव की जानकारियां दी गईं।
इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वा वर्ष 2026 के लिए आधिकारिक थीम “ड्रिवन टू एंड मलेरिया : नाउ वी कैन . नाउ वी मस्ट” रखी गई है। इसका अर्थ है कि अब हमारे पास मलेरिया को खत्म करने के लिए आवश्यक तकनीक और साधन मौजूद हैं, और अब हमें इसे हर हाल में समाप्त करना ही होगा। मलेरिया के खिलाफ एकजुटता के संदेश के साथ कुछ संस्थाएं अभियान भी चला रही हैं। मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, जल जमाव को रोकना जरूरी है। वैश्विक लक्ष्य है मलेरिया से होने वाली मौतों को शून्य पर लाना, नई वैक्सीन और दवाओं के विकास को बढ़ावा देना। बताया गया है कि भारत ने 2030 तक मलेरिया मुक्त होने का लक्ष्य रखा है। भारत के कई राज्यों जैसे ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल मलेरिया कॉन्फ्रेंस 2026’ का आयोजन भी किया गया था, जिसमें वैज्ञानिकों ने इसके खात्मे के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की। मलेरिया से बचाव के मुख्य उपायों में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना, घर के आसपास पानी जमा न होने देना, कूलर, गमलों या पुराने टायरों में पानी न रहने देना, बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त की जांच करवाना, पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनना और मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करना शामिल हैं। आज विश्व मलेरिया दिवस पर विकासखंड नानगुर के अंतिम एवं दूरस्थ अति मलेरियाग्रस्त गांव नागलसर में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी मैत्री, मलेरिया अधिकारी डॉ. एस टेकाम ने मलेरिया एवं मौसम में होने वाली बीमारियों की जानकारी दी।ग्रामीणों की उपस्थिति में सिरहा गुनिया को तिलक लगाकर और नारियल, व गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं और बच्चों वाली माताओं को मच्छरदानी वितरण किया गया एवं उपस्थित समस्त महिला व बच्चों का स्वास्थ्य जांच एवं मलेरिया से बचाव की शपथ दिला कर स्वस्थ जांच एवं दवाई वितरण किया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस भंवर बीपीएम शकुंतला जंघेल, बीईटीओ सुनैना शेते, सुपरवाइजर नरेश मरकाम, शिव भंडारी, तुलावती नागेश, विकासखंड मलेरिया निरीक्षक शरद गुप्ता, लव नागे, पिंटू गजभिए, रजनीश आचार्य, टोमेश कश्यप, आरएचओ हरिराम नाग, महेश कश्यप, महेश्वर बघेल, पदम कश्यप, गणेश नाग, जयदेव नाग तथा ग्राम के सिरहा गुनिया, मितानिन, सरपंच और ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।