पहले से पारित महिला आरक्षण अधिनियम पर भाजपा कर रही प्रलाप : जैन

०  मोदी की घटती लोकप्रियता से घबरा रहे हैं भाजपाई 
०  नारी शक्ति वंदन विधेयक़ सितम्बर 2023 में हो चुका है पारित : रेखचंद जैन 
जगदलपुर। जिस महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपाई आज प्रलाप कर रहे हैं, उसे तीन साल पहले संसद में पारित किया गया था। सच्चाई तो यह है कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार खुद ही भूल गई थी कि उसे महिला आरक्षण अधिनियम को अधिसूचित करना है। जब तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया तो आनन फानन में भाजपा ने राष्ट्रपति से इसे 17 अप्रैल 2026 को अधिसूचित करवाया है। यह कहना है जगदलपुर के पूर्व विधायक व छ्ग शासन के पूर्व संसदीय सचिव रेखचंद जैन का।
मीडिया को जारी बयान में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि विगत महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने कृत्य व वाणी से तेजी से जनाधार घटा है। उनकी घटती लोकप्रियता से घबरा रहे भाजपाई देशभर में जो नौटंकी कर रहे हैं, उसे जनता जान व समझ रही है। हकीकत तो यह है कि भाजपाइयों को अपने खिसकते जनाधार की चिंता हो रही है। इन्हें महिला आरक्षण से कोई लगाव नहीं है। उनके राज में महिलाओं की स्थिति का आंकलन आसानी से किया जा सकता है। यह भी कहा जा सकता है कि वे महिला हितैषी होते तो वे कांग्रेस की उस चुनौती को स्वीकार करते जिसमें लोकसभा की एक तिहाई सीटों अर्थात 181 सीटों को तत्काल महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात पार्टी नेताओं के द्वारा कही जा रही है। श्री जैन ने कहा h कि भाजपा जिस प्रकार का सब्जबाग दिखाकर 2014 में सत्ता में आई थी, उसकी कलई खुल रही है। इससे घबराकर भाजपा के लोग जो भी हरकत कर रहे हैं उसे देश की जनता देख रही है।

फोड़े थे पटाखे, खिलाई थी मिठाई
पूर्व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन विधेयक़ सितम्बर 2023 में पारित किया गया था। इससे संबंधित साक्ष्य तमाम अखबारों व अन्य माध्यमों में देखे जा सकते हैं। पूर्व विधायक श्री जैन ने कहा है कि महिलाओं की मजबूती का नारा देते भाजपाइयों ने तब बस्तर संभाग के कई जगहों पर पटाखे फोड़े थे और मिठाई खिलाई थी। पूर्व विधायक रेखचंद जैन के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने महिलाओं का मान बढ़ाया था। उनकी प्रेरणा से जो पंचायती राज व स्थानीय निकाय कानून बना था उसमें महिलाओं के लिए एक तिहाई स्थान पंचायतों व अन्य जगहों पर आरक्षित किए गए थे।इसके परिणामस्वरूप देश में आज लगभग 15 लाख पदों पर महिलाएं काबिज हैं। इनमें सरपंच, पंच, पार्षद, सदस्य से लेकर अध्यक्ष- उपाध्यक्ष के पद सम्मिलित हैं। भाजपा घबराकर देश में प्रदर्शन कर रही है। संसद में जो कानून लाया गया था उसमें परिसीमन का उल्लेख था न कि महिला आरक्षण का। भाजपा का यह खेल विपक्ष ने पकड़ लिया और इस बिल को पारित नहीं होने दिया। अगर यह बिल पास हो जाता तो भाजपा विधानसभा व लोकसभा सीटों में अपनी मर्जी से काट छांट करती। इस कारण वह देश भर में प्रदर्शन कर रही है।जबकि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण अधिनियम तीन साल पहले ही पारित किया जा चुका है।

ये है बिल की टाइम लाइन
2023 में पारित कानून की टाइम लाइन का उल्लेख करते हुए श्री जैन ने पूरा विवरण साझा किया है। इसके अनुसार 19 सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में प्रस्तुत किया गया। 20 सितंबर 2023 को महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास हुआ। 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा से यह विधेयक पारित हुआ। 29 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से महिला आरक्षण कानून बना।

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