बकावंड। मनरेगा मजदूरों का भुगतान महीनों से लंबित है। कोसमी सरपंच नीलम कश्यप ने भाजपा सरकार को घेरते हुए जल्द भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत कोसमी सरपंच नीलम कश्यप ने मनरेगा योजना में हो रहे बदलाव एवं मजदूरों की लंबित मजदूरी को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन-चार महीनों से मजदूरों को उनकी मेहनत की मजदूरी नहीं मिल पाई है, जिससे गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सरपंच नीलम कश्यप ने कहा कि जब मनरेगा योजना अपने पुराने स्वरूप में संचालित हो रही थी, तब मजदूरों को समय पर भुगतान मिलता था और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति बेहतर थी। लेकिन वर्तमान में योजना के स्वरूप में बदलाव के कारण मजदूरों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण भारत की रीढ़ रही है, जिससे गांव में ही रोजगार उपलब्ध होता था और पलायन पर रोक लगती थी। लेकिन वर्तमान नीतियों के चलते योजना का उद्देश्य कमजोर होता जा रहा है। केवल नाम परिवर्तन से मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, उन्हें समय पर उनकी मेहनत का उचित भुगतान मिलना आवश्यक है। सरपंच नीलम कश्यप ने सरकार से मांग की है कि मनरेगा योजना के पुराने स्वरूप को बहाल किया जाए तथा मजदूरों का बकाया भुगतान तत्काल जारी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो गांव-गांव में आंदोलन किया जाएगा।