रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने राज्य में न्यूनतम वेतन में की गई हालिया वृद्धि को लेकर कहा कि यह बढ़ोतरी महज औपचारिकता है और महंगाई के इस दौर में श्रमिकों के साथ अन्याय है। आज के समय में बढ़ती महंगाई, खाद्य पदार्थों, पेट्रोल -डीजल की कीमतों, किराया और दैनिक जरूरतों के खर्च को देखते हुए यह राशि बेहद अपर्याप्त है। दिखावे कि मामूली बढ़ोतरी से श्रमिकों के जीवन स्तर में कोई वास्तविक सुधार नहीं होने वाला।
प्रदेश प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित नेशनल फ्लोर वेज National Floor Wage हम और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर, केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित अकुशल श्रमिकों के लिए 20,358 प्रति माह तय होने के बावजूद विष्णुदेव साय सरकार 11,402 प्रतिमाह तय कि है और अत्यंत कुशल श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित 26,910 प्रतिमाह की जगह 13,612 प्रतिमाह इस सरकार ने तय किया है! यह दर्शाता है कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है
प्रदेश प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार भले ही अपनी मामूली बढ़त दिखा कर अपनी उपलब्धियां दिखाने की कोशिश कर रही है मगर वास्तविकता इसके उलट है,उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में श्रमिकों के प्रति संवेदनशील है तो न्यूनतम वेतन को कम से कम केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित 20,358 रुपये प्रति माह किया जाये जिससे मजदूरों और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
प्रदेश प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश के लाखों श्रमिक आज भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और सरकार को उनकी वास्तविक समस्याओं को समझते हुए न्यूनतम वेतन की पुनः समीक्षा करे और इसे महंगाई के अनुरूप बढ़ाते हुए केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित वेतनमान के अनुरूप बढ़ाया जाए!