रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अफीम की खेती को लेकर सरकार के द्वारा जिला कलेक्टरों से क्लीन चिट लेकर जारी करना इस बात को साबित करता है कि सरकार अफीम और अन्य मादक पदार्थों की खेती पर लीपापोती करना चाहती है, वह केवल दिखावे की कार्यवाही कर रही है। सरकार बताये कि जिन कलेक्टरों ने अपने जिले में अफीम की खेती नहीं होने का दावा कर रहे है, यदि उनके जिले में अफीम आदि खेती होना पाई जायेगी तो सरकार उन पर कार्यवाही करेगी?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिन जिलों में अफीम की खेती के प्रकरण सामने आये है क्या सरकार वहां पर किसी अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित कर कार्यवाही करेगी या फिर वहां पर सिर्फ खेती करने वाले पर कार्यवाही की खानापूर्ति की जायेगी? खुलेआम अफीम की खेती क्या बिना सरकारी अमले के संरक्षण के संभव है? क्या इस खेती के पीछे राजनैतिक और प्रशासनिक संरक्षण नहीं था?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अभी तक प्रदेश के अलग-अलग कोनो में अफीम की खेती पकड़ाई है। अफीम की खेती का खुलासा जनता ने किया है। जनता ने पुलिस से शिकायत किया, पुलिस और राजस्व अमला क्या कर रहा था? अफीम की लहलहाती खेती 15 दिन, 1 महीने में तो तैयार नहीं हुई है, धान की फसल के दौरान जब पटवारी और राजस्व अमला गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर रहे थे तो उन्हें कैसे पता नहीं चला कि खेतों में अफीम लगा हुआ है? अफीम की खेती के गिरदावरी में अन्य फसल तथा सब्जी कैसे लिखा गया?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुर्ग में अफीम खेती का सरगना विनायक ताम्रकार के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मधुर संबंध थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी अजय जामवाल, बीएल संतोष, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, दुर्ग सांसद विजय बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, गृह मंत्री विजय शर्मा भाजपा संगठन के दर्जनों नेताओं के साथ उसकी फोटो तथा भाजपा के कार्यक्रमो में उसकी सक्रिय सहभागिता बताती है। क्या भाजपा अपने इन नेताओं पर कार्यवाही करेगी? भाजपा ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से क्यों नहीं निकाला? विनायक ताम्रकार को भाजपा क्यों बचाना चाहती है? उसको पुलिस ने मुख्य आरोपी क्यों नहीं बनाया? उसे एफआईआर में तीसरे क्रम पर क्यों रखा गया?