रायगढ़। जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज अंतर्गत ग्राम चुहकीमार में रविवार को 70 वर्षीय गंगाराम सारथी की एक जंगली हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीणों में भारी दहशत देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, गंगाराम रोजाना की तरह सुबह लकड़ी लेने जंगल गए थे। दोपहर लगभग ढाई बजे उनका सामना एक विशालकाय हाथी से हुआ। इससे पहले कि वह संभल पाते, हाथी ने उन पर हमला कर उन्हें कुचल दिया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम तथा मुआवजे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
हाथियों की बढ़ती संख्या चिंता का कारण
रायगढ़ जिले में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 101 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें रायगढ़ वन मंडल में 59 और धरमजयगढ़ वन मंडल में 42 हाथी सक्रिय हैं। इन हाथियों में 32 नर, 48 मादा और 21 शावक शामिल हैं। चुहकीमार के जंगलों में अभी भी 12 हाथियों का दल मौजूद है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में खतरा बना हुआ है।
बीती रात के हमलों में गांवों को नुकसान
वहीं, बीती रात दंतैल हाथी ने लैलूंगा रेंज के कई गांवों में उत्पात मचाया। टोंगोटोला, झारआमा, पाकरगांव और सागरपाली में पांच ग्रामीणों के मकान ध्वस्त हो गए। प्रेमनगर और कुडेकेला क्षेत्रों में फसलें और सिंचाई पाइपों को भी भारी नुकसान हुआ। वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन कर रही हैं और ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से बचने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि इलाके में लगातार निगरानी रखी जाएगी और हाथियों के विचरण वाले रास्तों पर सतर्कता बढ़ाई जाएगी।