बघेल पहले इतिहास को अच्छी तरह पढ़ें और फिर कोई राय जाहिर करें : गुप्ता

रायपुर। छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता केदारनाथ गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पता नहीं कांग्रेस पार्टी कौन-सा इतिहास पढ़कर अपने नेताओं को राजनीति में लाती है? श्री गुप्ता ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल का कहना है कि जब देश में मुगल शासन था तब भी हिंदू खतरे में नहीं था। बघेल यह बताएं कि सोमनाथ मंदिर को किसने लूटा? मोहम्मद गौरी मोहम्मद गजनबी कौन था? बाबरी मस्जिद का फैसला अभी सुप्रीम कोर्ट से हमने जीता जिसके नीचे भगवान रामलला का मंदिर था। यह बाबर कौन था? कितनी ही रानी एवं महिलाओं को राजस्थान में जौहर करना पड़ा।

तारीख-ई-फीरोजशाही और फतवा ई-जहानदारी में मुस्लिम इतिहासकार बर्नी ने लिखा है- “जिन हिंदुओं ने अल्लाह का मजहब इसलाम स्वीकार नहीं किया, अलाउद्दीन ने उन्हें यातनाएँ देकर कत्ल करा दिया और उनके आश्रितों की दशा इतनी हीन, पतित और कष्ट युक्त बना दी थी और उन्हें इतनी दयनीय दशा में पहुँचा दिया था कि उनकी महिलाएँ और बच्चे मुसलमानों के घर भीख माँगने के लिए विवश थे।” अमीर खुसरो लिखता है- ‘तुर्क जब चाहते थे, हिंदुओं को पकड़ लेते, क्रय कर लेते अथवा बेच देते थे और उनकी महिलाओं को सुल्तान, उनके अफसरों या सिपहसालारों के हरम में भेज दिया जाता था।

इतिहास में दर्ज है कि एक सुल्तान फिरोज शाह तुगलक ने पवन दिनों पर हिन्दुओं के पवित्र स्नान पर प्रतिबंध लगा दिया था, ऐसी ही एक घटना में पवित्र स्नान कर रहे 20 हजार से हिन्दुओं को क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। इसका वर्णन उस सुल्तान की आत्मकथा में है। कौन सिखों के 9वें गुरु तेगबहादुर की शहादत को भूल सकता है जिन्हें 24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में औरंगजेब के आदेश पर धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए फाँसी दी गई थी और कारण क्या था, गुरुजी ने कश्मीरी पंडितों को जबरन धर्म परिवर्तन से बचाने और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता को बचाने का प्रयास किया। 10वें गुरु गोविंद सिंह जी के दो पुत्रों को किन्होंने दीवार से चुनवा दिया था।

कांग्रेस को या तो इतिहास का पता नहीं और अभी भी वहीं कर रहे हैं, इतिहास कोटो मरोड़कर बता रहे हैं। मुस्लिम शासकों की क्रूरता पर सैकड़ों पुस्तकें उपलब्धभाएं, अगर भूपेश बघेल चाहें तो उन्हें पढ़ कर अपना ज्ञान ठीक कर लें।

भाजपा नेता श्री गुप्ता ने कहा कि भूपेश बघेल पहले इतिहास को अच्छी तरह पढ़ें और उस आधार पर कुछ बोलें। पंडित प्रदीप मिश्रा कहते हैं कि एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल, जिसे बघेल अंधविश्वास बताते हैं। कई बुजुर्ग सदियों से देश में भगवान भोलेनाथ पर जल अर्पित करते आ रहे हैं। उसे बघेल अंधविश्वास कहते हैं। लाखों समर्थक पं. मिश्रा के साथ चलते हैं। यह हिंदुओं की आस्था है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ लाखों लोग पदयात्रा कर रहे हैं धर्म के लिए। अगर दो-चार प्रश्न खड़े हो गए और हजारों लोग आपसे प्रश्न पूछ लें तो बघेल जवाब नहीं दे पाएंगे। बघेल पहले इतिहास पढ़ें और उसके बाद हिंदू धर्म रीति-रिवाज के बारे में जानें और फिर कोई राय जाहिर करें।

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