रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र नए भवन में शुरू हो चुका है, लेकिन ज्वलंत मुद्दों की वजह से इस बार सदन बेहद हंगामेदार रहने की संभावना है। हालांकि सत्र छोटा है, मगर प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्तावों की बौछार से माहौल पूरी तरह तपने वाला है।
बता दे कि 19 दिसंबर तक चलने वाले सत्र में सत्ता और विपक्ष की ओर से कुल 628 प्रश्न दाखिल किए गए हैं, जिसमें 333 तारांकित प्रश्न हैं। साथ ही 48 ध्यानाकर्षण सूचनाएं भी राज्य के प्रमुख मुद्दों पर हैं। विपक्ष ने तीनों कार्य दिवसों के लिए अलग-अलग मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली है।
सूत्रों की मानें तो 15 दिसंबर को धान खरीदी की खराब व्यवस्था पर विपक्ष सरकार को घेरते हुए स्थगन प्रस्ताव ला सकता है। अगले दिनों में नई गाइडलाइन रेट और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर हमला बोलने की रणनीति है। धान खरीदी की समस्याओं पर न सिर्फ विपक्ष, बल्कि सत्तापक्ष के कई विधायक भी अपने क्षेत्रों में किसानों की परेशानियों को जोर-शोर से उठाने के मूड में हैं।
विपक्ष धान खरीदी में हो रही दिक्कतों पर सरकार को गंभीर आरोपों से घेरेगा और व्यवस्था दुरुस्त करने का दबाव बनाएगा। भाजपा विधायक दल भी जवाबी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर सरकार के जवाब संतोषजनक नहीं हुए तो सदन में गतिरोध और हंगामे की स्थिति बन सकती है।
इस बीच सरकार छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) संशोधन विधेयक पेश करेगी। 15 दिसंबर को ही वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। कुल मिलाकर, इस शीतकालीन सत्र में तीखी बहसें, राजनीतिक भिड़ंत और जोरदार हंगामे की पूरी उम्मीद है!