
0 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, दी गई स्वास्थ्य शिक्षा
0 मलेरिया से बच्चे की मौत, दो और बच्चे मिले पीड़ित
जगदलपुर। विकासखंड जगदलपुर अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर के अधीन अंदरूनी वनग्राम नागलसर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गुरुवार एवं शुक्रवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। ग्रामीणों का इलाज कर उन्हें स्वास्थ्य बेहतर रखनेके टिप्सभी दिए गए।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएल दरियो, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएस टेकाम एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य शिविर के दौरान गांव के ग्रामीणों से भेंटकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गई और उन्हें स्वच्छता एवं साफ-सफाई रखने, शुद्ध पेयजल का उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करने सहित बुखार-मलेरिया एवं उल्टी दस्त से पीड़ित होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाने संबंधी स्वास्थ्य शिक्षा दी गई। इस मौके पर क्षेत्र के सेक्टर सुपरवाइजर शिव भंडारी ने बताया कि ग्राम नागलसर में सोमवार 21 जुलाई को डीएमओ, बीएमओ और सुपरवाइजर द्वारा विजिट किया गया था। इस ग्राम की कुल जनसंख्या 503 और घरों की संख्या 92 है जिसमें 80 घर और 400 की जनसंख्या को एमएमसी 12 के तहत कवर कर लिया गया है। गुरूवार को एमएमसी के दौरान रमेश पिता सुखमन 6 वर्ष भी मलेरिया से पीड़ित पाया गया था जिसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर में रेफर किया गया। टीम द्वारा शुक्रवार को सर्वे करने पर 2 वर्षीय बालिका ममता पिता मांगेन भी मलेरिया से पीड़ित पाई गई, जिसे जांच के पश्चात तत्काल दवाई की खुराक दी गई। क्षेत्र के अन्य ग्राम मिलकुलवाड़ा, नागलसर एवं कोलावाड़ा में मलेरिया रोधी दवाई का छिड़काव भी पिछले माह किया जा चुका है। मृतक बालक अमित नाग को शनिवार से हल्का बुखार था उनके माता-पिता के द्वारा ग्राम के सिरहा को दिखाया गया। सोमवार को मितानिन द्वारा जांच करने पर मलेरिया की पुष्टि हुई और सोमवार को ही प्रथम खुराक दी गई। इसके बाद मंगलवार को द्वितीय खुराक दी गई एवं बुधवार की रात को उल्टी नहीं रुकने और तबीयत बिगड़ने पर मितानिन द्वारा रात 10 बजे एंबुलेंस बुलवाकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल ले जाया गया, जहां पर मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही बच्चे की मृत्यु हो गई। गांव के परिवारों के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य जांच करने पर किसी भी परिवार के अन्य सदस्यों को बुखार या मलेरिया नहीं पाया गया। ग्राम नागलसर में तीन मितानिन हैं जो स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर एमएमसी 12 कार्यक्रम के तहत संपूर्ण ग्राम का मलेरिया जांच कर रही हैं। चिरायु टीम द्वारा भी शुक्रवार को ग्राम के सभी स्कूल और हॉस्टल में बच्चों की जांच कर दवाई का वितरण किया गया। वर्तमान में उक्त ग्राम में आगामी एक सप्ताह तक स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश सीएमएचओ द्वारा संबंधित चिकित्सकों सहित मैदानी अमले को दिए गए हैं।