
रायपुर। बहुचर्चित 2174 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया।
इससे एक दिन पहले, यानी 7 जुलाई को, राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इस मामले में 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में लगभग 2300 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने जारी किया समन, 20 अगस्त तक पेश होने का निर्देश
EOW ने जिन 29 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया है, उन्हें पहले ही समन जारी किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी की आशंका के चलते अब तक कोई भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अब अदालत ने सभी आरोपियों को 20 अगस्त तक पेश होने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया है।
शिकायत के बाद तेज़ हुई जांच
बताया जा रहा है कि इस शराब घोटाले की शिकायत बीजेपी नेता नरेश गुप्ता ने भारत सरकार तक पहुंचाई थी, जिसके बाद इस मामले में जांच की रफ्तार तेज हुई और अब यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है।
सांकेतिक फोटो,