
रायपुर। राजधानी रायपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का विशाल संगम देखने को मिला। गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पारंपरिक रथ यात्रा भव्य रूप से निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्यपाल रमेन डेका द्वारा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। उन्होंने भगवान से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।
छेरा पहरा की परंपरा निभाई
पूजन के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परंपरागत ‘छेरा पहरा’ रस्म निभाई। सोने के झाड़ू से रथ मार्ग की सफाई करते हुए उन्होंने भगवान के प्रति समर्पण और विनम्रता का संदेश दिया। इस रस्म को रथ यात्रा की सबसे पवित्र परंपराओं में गिना जाता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने भगवान के दर्शन कर रथ यात्रा में सहभागिता की। पूरे मार्ग में जय जगन्नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने रथ यात्रा के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा,भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा माता से प्रार्थना है कि वे छत्तीसगढ़ की जनता पर अपनी कृपा बनाए रखें। रथ यात्रा प्रेम, सद्भाव और समर्पण का प्रतीक है, यही भावना हमारे समाज में बनी रहनी चाहिए।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
रथ यात्रा के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे। पुलिस बल, ट्रैफिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह जलपान व सहायता केंद्र भी लगाए गए थे। आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और उत्सवी वातावरण में संपन्न हुआ।