रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज राज्य का बजट प्रस्तुत किया, जो प्रदेश के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इस बजट में महिला सशक्तिकरण, गरीबों के उत्थान, और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश कार्यालय के लिए रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है, जिसे प्रदेश के 12 लाख व्यापारियों की ओर से हार्दिक स्वागत और धन्यवाद प्राप्त हुआ है।
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज देश के प्रमुख चेम्बर ऑफ कॉमर्स में से एक है और यह भारत में सबसे अधिक सदस्य संख्या वाला चेंबर है। यह संस्था पिछले 65 वर्षों से व्यापारियों और उद्योगपतियों के हितों की रक्षा और संवाद के माध्यम से शासन-प्रशासन के साथ सेतु का कार्य कर रही है। वर्तमान में, संस्था के संचालन के लिए पुराने और छोटे कार्यालय की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही थी, इसलिए व्यापारियों के लिए सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त कार्यालय की आवश्यकता थी। इस घोषणा से प्रदेश के व्यापारी वर्ग में खुशी का माहौल है।
बजट में छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए कुछ प्रमुख निर्णय लिए गए हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- राज्य सरकार ने ई-वे बिल की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है।
- 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25,000 रुपये तक की देनदारी को माफ किया जाएगा, जिससे 40,000 से अधिक व्यापारियों को मदद मिलेगी और 62,000 से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।
- राज्य में लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं।
- उद्योगों को सब्सिडी निपटारे के लिए 1420 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- अचल संपत्ति लेनदेन पर स्टांप शुल्क में कटौती की गई है।
- पेट्रोल पर 1 रुपये की कटौती की गई है।
- युवाओं के लिए छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया है।
इन कदमों से प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगपतियों को राहत मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।