मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देने जगदलपुर में निकली रैली

जगदलपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जगदलपुर में मुस्लिम जमात ने जोश-ओ-खरोश के साथ जश्ने मोहम्मदी की रैली निकाली। इस दौरान शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जुलूस का स्वागत किया गया। रैली में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए।

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अनुसार, सुबह जामा मस्जिद से जुलूस निकाला गया। इसमें कमेटी के सदर और विभिन्न मस्जिदों के मौलानाओं की उपस्थिति रही। जुलूस के माध्यम से मोहब्बत, भाईचारे, इंसानियत और अमन का पैगाम आम करने का आह्वान किया गया।

जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर अंजुमन इस्लामिया एडहॉक कमेटी, जगदलपुर के सदर डॉ. एस. जहीरूद्दीन ने जगदलपुर समेत समस्त बस्तरवासियों और देशवासियों को दिली मुबारकबाद दी।

डॉ. जहीरूद्दीन ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी केवल खुशी और जश्न का अवसर नहीं है, बल्कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का भी अवसर है। उन्होंने लोगों से अपने आचरण में मोहब्बत, रहमदिली, इंसाफ, सच्चाई, ईमानदारी और इंसानियत को स्थान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जगदलपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की मिसाल रहा है। यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और इस परंपरा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों की मदद करने, भूखों को भोजन कराने, दुखी लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने, पड़ोसियों का ख्याल रखने, बुजुर्गों का सम्मान करने और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का आह्वान किया।

डॉ. जहीरूद्दीन ने युवाओं से कहा कि वे शिक्षा को अपना हथियार बनाएं, नशे और बुराइयों से दूर रहें तथा मेहनत और ईमानदारी के रास्ते पर आगे बढ़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाएं।

अंजुमन इस्लामिया एडहॉक कमेटी ने कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पैगाम नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत है। दूरी नहीं, भाईचारा है और बुराई नहीं, बल्कि इंसानियत और भलाई का रास्ता है।

अंत में कमेटी ने शहरवासियों से जगदलपुर की मोहब्बत, भाईचारे और सद्भाव की परंपरा को और मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले मुस्लिम जमात, शहरवासियों और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।