सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से गूंजा दल्ली राजहरा, ईद मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी

दल्ली राजहरा। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौम-ए-पैदाइश के अवसर पर दल्ली राजहरा में जश्ने ईद मिलादुन्नबी पूरे अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। मुस्लिम समाज की ओर से शहर में विशाल जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।

जुलूस की शुरुआत जामा मस्जिद दल्ली राजहरा से हुई। इसके बाद जुलूस गुप्ता चौक, मुख्य मार्ग, पेट्रोल पंप, माइंस ऑफिस चौक, जैन भवन चौक, शर्मवीर चौक और बस स्टैंड चौक से होते हुए शहर के विभिन्न मार्गों पर निकला। जुलूस का समापन गुप्ता चौक में हुआ।

हाथों में तिरंगा और इस्लामी झंडे, गूंजे ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारे

जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने हाथों में इस्लामी झंडों के साथ तिरंगा लेकर शिरकत की। पूरे रास्ते ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से शहर गूंजता रहा। इस मौके पर शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और जुलूस का विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।

जुलूस के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भी अनूठी तस्वीर देखने को मिली। भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू और पार्षद विशाल मोटवानी सहित अन्य लोगों ने जुलूस का स्वागत किया।

अमन और भाईचारे का संदेश

मुस्लिम समाज के पूर्व अध्यक्ष मुस्ताक अहमद अंसारी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए। उनका संदेश अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश है। जश्ने ईद मिलादुन्नबी हमें उनके बताए रास्ते पर चलने और समाज में प्रेम व सौहार्द कायम रखने की सीख देता है।

इस विशाल जुलूस में मुख्य रूप से मुस्लिम समाज के पूर्व अध्यक्ष मुस्ताक अहमद , सचिव जनाब ज़ुबैर अहमद , नबी खान मीर रफीक अली छोटे मियां, तैयब अंसारी, एस अंसारी,हाफ़िज़ मुनववर साहब, हाफ़िज़ नसीम रज़ा साहब, हाफ़िज़ सिमनानी साहब,हाफ़िज़ अयूब साहब, जमील अहमद, आर आई साहब, अशरफ मेमोन यासिर फारूकी, सुहैल फारूकी,मो इक़बाल, मो आरिफ, निजामुद्दीन फौजी साहब,मो कादिर,मो इरशाद,इकराम रेहमानी,शेख असलम भाई, साजिद खान, असलम कुरैशी,अकरम हुसैन,शेख नबी खान, मो इमरान,वली खान,शकील खान, एडवोकेट साकिर,मिस्किन, सद्दाम,अनवर हुसैन,अब्दुल जब्बार,मुस्ताक,शफी बक्श, जुबैर अहमद, राजा हसन, मुक्कु, शोएब, सलामत,जावेद खान, कासिम कुरैशी, फारूक कुरैशी, सोहेल, सज्जाद कुरैशी, दानिश अहमद,हनीफ कुरैशी, शेख चाँद,सिराज खान, आदिल, अरमान रेहमानी, असलम भाई, अफ़रोज़ खान, इस्तियाक अली , फिरोज खान जुगनू, अब्दुल इब्राहिम, गुड्डू भाई, राजा खान, मो मुस्तफा,मुख्तार,सोबी,रेजवाननासिर भाई
शेखअकरम,रज़ाभाई ,जुनैद,मतीन कुरैशी,मीर रफीक अली, जफिर कुरैशी, राजा कुरैशी, शब्बीर कुरैशी अयान अहमद शेख मुमताज़, यासीन कुरैशी,रमीज़ शाह, फारूक, शमशेर अली, निज़ाम भाई, शेख चाँद, इमरान खान,बबलू शाह, पाशा भाई, मसूद भाई,लाल मोहम्मद, राजू हसन, हसन अशरफी, मोसिन रज़ा, फैज़ान अंसारी, कमरान अंसारी, दानिश, तौफ़ीक खान,अकबर भाई,अल्ताफ भाई,परवेज, मो यसिन, सिकंदर, रियाज़ुद्दीन कादरी, नईम कादरी, मो अब्बास, युसूफ भाई,नियाज़ भाई, इदुल भाई, बादशाह भाई, आदिल भाई, आसिफ भाई, आरिफ खान,मुजफ्फर हुसैन,मुजस्सर हुसैन, सैयद आज़ाद अली, निस्सु भाई, मो अब्बास, सहित सैकड़ों नौजवान और बच्चे मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जुलूस के समापन पर देश और दुनिया में अमन-ओ-अमान, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ की गई।