जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 13 फरवरी 2026 को जारी नवीन राजपत्र अधिसूचना का छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ ने स्वागत किया है। संघ ने इसे लंबे समय से पदोन्नति संबंधी विसंगतियों से प्रभावित वरिष्ठ प्रधान पाठकों और वरिष्ठ व्याख्याताओं के हित में न्यायसंगत और दूरदर्शी फैसला बताया है।
संघ के संभागीय अध्यक्ष पी.जी. राव ने कहा कि पूर्व की पदोन्नति व्यवस्था के कारण कई वरिष्ठ प्रधान पाठक अपनी वरिष्ठता, लंबे सेवाकाल और अनुभव के बावजूद प्राचार्य पद पर पदोन्नति से वंचित रह गए थे। उन्होंने विशेष रूप से 5 मार्च 2019 की राजपत्र अधिसूचना में निर्धारित पृथक पदोन्नति कोटे का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कई मामलों में कनिष्ठ व्याख्याताओं को वरिष्ठ प्रधान पाठकों से पहले प्राचार्य बनने का अवसर मिला।
संघ के अनुसार, इस व्यवस्था के चलते कई वरिष्ठ और अनुभवी प्रधान पाठकों को अपने से कनिष्ठ अधिकारियों के अधीन काम करना पड़ा, जिसका असर उनकी वरिष्ठता, पदोन्नति और आर्थिक लाभ के अवसरों पर भी पड़ा।
संयुक्त वरिष्ठता सूची को बताया महत्वपूर्ण सुधार
प्रधान पाठक कल्याण संघ ने कहा कि 13 फरवरी 2026 की नवीन राजपत्र अधिसूचना में शैक्षिक संवर्ग को एकीकृत करते हुए संयुक्त वरिष्ठता सूची को आधार बनाने का निर्णय महत्वपूर्ण है। इससे प्रभावित प्रधान पाठकों और वरिष्ठ व्याख्याताओं को उनकी वास्तविक वरिष्ठता और योग्यता के अनुसार पदोन्नति का अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
पी.जी. राव ने कहा कि पदोन्नति किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि निर्धारित पात्रता, योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर मिलने वाला सेवा अधिकार है। वर्षों की सेवा और अनुभव को नजरअंदाज कर कनिष्ठ को पहले पदोन्नति देना स्वस्थ प्रशासनिक परंपरा नहीं है।
‘शिक्षक एलबी’ शब्द हटाने का भी किया स्वागत
संघ ने नवीन राजपत्र में ‘शिक्षक एलबी’ शब्द के विलोपन का भी स्वागत किया है। संघ का कहना है कि यह निर्णय शिक्षकीय पद की गरिमा और पेशेवर पहचान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
संघ ने कहा कि प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला) और व्याख्याता समकक्ष द्वितीय श्रेणी राजपत्रित पद हैं। इसलिए किसी एक पद को स्वाभाविक रूप से दूसरे से श्रेष्ठ या अनुभवहीन बताना उचित नहीं है। प्राचार्य पदोन्नति का आधार पदनाम नहीं, बल्कि निर्धारित योग्यता, पात्रता, वास्तविक सेवाकाल, वरिष्ठता और अनुभव होना चाहिए।
विरोध करने वाले संगठनों से अपील
संघ ने नवीन राजपत्र का विरोध करने वाले शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे इस मुद्दे को केवल व्यक्तिगत पदोन्नति लाभ के नजरिए से न देखें। संघ ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी शिक्षक के पदोन्नति अवसर का विरोध नहीं करता, बल्कि हर पात्र शिक्षक को उसकी वास्तविक वरिष्ठता, योग्यता और नियमों के अनुरूप अवसर मिलने का पक्षधर है।
छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है। संघ ने मांग की है कि आगामी पदोन्नति प्रक्रिया में संयुक्त वरिष्ठता सूची, निर्धारित योग्यता, पात्रता और पारदर्शी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए।