शिक्षकविहीन स्कूलों में पढ़ाई का संकट, जेन जी और अल्फा ने पानी में भीगकर सरकार को आईना दिखाया – धनंजय सिंह

० धमतरी-बालोद में छात्रों का आंदोलन शिक्षा मंत्री के खोखले दावों की पोल खोल रहा है

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्कूल खुले करीब दो महीने होने जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश के अनेक स्कूल आज भी शिक्षकों, पुस्तकों और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव दावा करते हैं कि प्रदेश में कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है, लेकिन धमतरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारना और बालोद के नवीन प्राथमिक शाला शिकारी टोला के जेन जी और अल्फा के छात्र-छात्राओं ने पानी में भीग कर शिक्षक की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री के दावों की पोल खोल दी है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छात्र पढ़ना चाहते हैं, लेकिन सरकार उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। कहीं हिंदी के शिक्षक नहीं हैं, कहीं अंग्रेजी, रसायन, सामाजिक विज्ञान और भूगोल के शिक्षक नहीं हैं, तो प्राथमिक शालाओं में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में शिक्षा मंत्री बताएं कि बिना शिक्षक के स्कूल कैसे चल रहे हैं और बिना पढ़ाई के बच्चों का भविष्य कैसे बनेगा?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि तिमाही परीक्षा की समय-सारणी जारी हो चुकी है। बच्चे परीक्षा को लेकर तनाव में हैं। जिन विषयों की पढ़ाई ही नहीं हुई, उन विषयों की परीक्षा छात्र कैसे देंगे? बिना तैयारी परीक्षा देने से यदि परिणाम खराब आते हैं और बच्चों का मनोबल टूटता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? शिक्षा मंत्री को बयानबाजी छोड़कर इसका जवाब देना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एक तरफ स्कूल शिक्षकों की कमी से कराह रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार शिक्षकों के तबादले कर रही है। सरकार की इस अव्यवस्थित नीति का सीधा नुकसान प्रदेश के नौनिहालों को हो रहा है। पालक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और सरकार सिर्फ कागजों एवं बयानों में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त बता रही है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था। सरकार बनने के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, लेकिन उन्हें शिक्षा मंत्री पद से हटा दिया गया। इसके बाद सदन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, वह भी शुरू नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, लेकिन भर्ती करने के बजाय पदों की संख्या भी घटा दी गई।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एक ओर 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा, दूसरी ओर हजारों स्कूलों को बंद करना और आज भी स्कूलों में शिक्षक नहीं होना।यह भाजपा सरकार की शिक्षा नीति की असली तस्वीर है। सरकार के वादे कागजों में हैं और बच्चों की पढ़ाई जमीन पर ठप है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जेन जी और अल्फा के बच्चे सरकार से भीख नहीं, अपना शिक्षा का अधिकार मांग रहे हैं। बारिश में भीगते हुए उनका आंदोलन भाजपा सरकार के लिए शर्मनाक आईना है। सरकार को बच्चों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांग पूरी करनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस मांग करती है धमतरी, बालोद सहित प्रदेश के सभी शिक्षकविहीन और शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में तत्काल पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, लंबित शिक्षक भर्ती पूरी की जाए और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए।